
नई दिल्ली : देश में पिछले कुछ हफ्तों से जारी प्रदर्शनों और राजनीतिक हलचल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देश की जनता को संबोधित किया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने सरकार और नागरिकों के बीच भरोसे को लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि सरकार और जनता के बीच संबंध संदेह के आधार पर नहीं, बल्कि विश्वास और सहयोग के आधार पर मजबूत होने चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज ऐसे दौर से गुजर रहा है, जब पूरी दुनिया कई तरह की अनिश्चितताओं और चुनौतियों का सामना कर रही है। वैश्विक स्तर पर आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा से जुड़ी परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। ऐसे समय में भारत की प्रगति की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं।
उन्होंने कहा कि दुनिया आज भारत को केवल एक बड़े बाजार के रूप में नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद साझेदार और उम्मीद की किरण के रूप में देख रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने अपनी क्षमता, नीतियों और मेहनत के बल पर वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में नागरिकों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देश की विकास यात्रा केवल सरकार के प्रयासों से पूरी नहीं हो सकती। इसके लिए जनता और सरकार के बीच मजबूत तालमेल जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब सरकार और नागरिक मिलकर काम करते हैं तो बड़े से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में संवाद और विश्वास की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि सरकार की हर नीति और हर कदम का उद्देश्य देशहित और जनकल्याण होता है। ऐसे में सरकार के प्रयासों को देखने का नजरिया भी सकारात्मक और सहयोगी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। देश में हो रहे सुधारों, निवेश और युवाओं की क्षमता के कारण भारत के सामने विकास के नए अवसर पैदा हुए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में भारत की भूमिका वैश्विक स्तर पर और मजबूत होगी।



