Featureराष्ट्रीय

नारीशक्ति की भागीदारी से विकास की नई राह पर उत्तर प्रदेश : योगी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश की प्रगति और समृद्धि में नारीशक्ति की भागीदारी लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। महिलाओं का सामर्थ्य, आत्मविश्वास और संकल्प राज्य के विकास को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सशक्त नारी ही समृद्ध उत्तर प्रदेश की मजबूत नींव है और महिलाओं का सम्मान किसी भी सभ्य समाज की पहचान है।

मां सिद्धिदात्री के आशीर्वाद का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नारीशक्ति अपने परिश्रम और प्रतिभा के बल पर प्रदेश की उन्नति में निर्णायक योगदान दे रही है। उन्होंने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को विकास की व्यापक अवधारणा से जोड़ते हुए कहा कि जब महिलाएं आगे बढ़ती हैं, तो परिवार, समाज और प्रदेश की प्रगति को भी गति मिलती है।

नारीशक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार, महिलाओं की भागीदारी केवल सामाजिक बदलाव तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर आर्थिक विकास, शिक्षा, रोजगार और परिवारों की खुशहाली पर भी पड़ता है। महिलाओं को अवसर मिलने से उनकी प्रतिभा सामने आती है और वे समाज के निर्माण में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं।

महिला सशक्तिकरण के संदर्भ में सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। इन क्षेत्रों में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने से महिलाओं के लिए शिक्षा प्राप्त करना, रोजगार हासिल करना और आर्थिक निर्णयों में भागीदारी निभाना आसान हो सकता है।

प्रदेश के विकास की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना समग्र विकास की कल्पना अधूरी है।

2017 से पहले की स्थिति पर योगी का बयान

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में प्रदेश में अराजकता और असुरक्षा का माहौल था। उनके अनुसार, गुंडे, माफिया और उपद्रवी सत्ता के समानांतर प्रभाव रखते थे तथा प्रदेश को दंगों और अव्यवस्था जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता था।

योगी आदित्यनाथ ने अपने बयान में सुरक्षा को विकास के लिए आवश्यक बताते हुए कहा कि सुरक्षित वातावरण में ही महिलाएं शिक्षा, रोजगार, कारोबार और सामाजिक गतिविधियों में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकती हैं।

हालांकि, कानून-व्यवस्था की स्थिति का व्यापक आकलन करने के लिए सरकारी आंकड़ों, अपराध संबंधी रिकॉर्ड और विभिन्न अवधियों के तुलनात्मक तथ्यों को देखना भी आवश्यक है।

महिला सम्मान से मजबूत होगा समाज

महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए कई स्तरों पर प्रयास जरूरी हैं। इनमें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, रोजगार के अवसर, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षित सार्वजनिक स्थान शामिल हैं।

महिला सशक्तिकरण को प्रभावी बनाने के लिए निम्नलिखित पहल महत्वपूर्ण हो सकती हैं:

  • शिक्षा के अवसर: बालिकाओं की पढ़ाई जारी रखने और उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने पर जोर।
  • आर्थिक आत्मनिर्भरता: महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ना।
  • सुरक्षा और सम्मान: कार्यस्थलों तथा सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना।
  • कौशल विकास: महिलाओं को आधुनिक तकनीक और रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराना।
  • निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी: परिवार, समाज और प्रशासन से जुड़े निर्णयों में महिलाओं की भूमिका बढ़ाना।

इन प्रयासों से महिलाओं की क्षमताओं का बेहतर उपयोग हो सकता है और विकास का लाभ समाज के अधिक व्यापक वर्ग तक पहुंच सकता है।

समृद्ध उत्तर प्रदेश के निर्माण में महिलाओं की भूमिका

उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में महिलाओं की भागीदारी का महत्व और भी बढ़ जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं, कृषि कार्यों में योगदान देने वाली महिलाएं, शिक्षिकाएं, स्वास्थ्यकर्मी, उद्यमी और विभिन्न सरकारी सेवाओं में कार्यरत महिलाएं प्रदेश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक व्यवस्था को मजबूती प्रदान करती हैं।

महिलाओं को आर्थिक अवसरों और नेतृत्व की भूमिका में आगे बढ़ाने से परिवारों की आय में सुधार, बच्चों की शिक्षा पर सकारात्मक प्रभाव और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावनाएं बढ़ती हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश भी इसी व्यापक विचार पर केंद्रित है कि नारी का सम्मान और उसकी सक्रिय भागीदारी प्रदेश की समृद्धि के लिए आवश्यक है।

Related Articles

Back to top button