छत्तीसगढ़: कवर्धा में तेंदुए की मौजूदगी से हड़कंप, वन विभाग की टीम जुटी, अफवाहों पर लगेगी रोक

कवर्धा । कबीरधाम जिले के कवर्धा नगर और आसपास के वन क्षेत्रों में तेंदुए की मौजूदगी से जुड़ी सूचनाओं के बाद वन विभाग ने निगरानी और रेस्क्यू अभियान तेज कर दिया है। पिछले करीब दो सप्ताह से वन विभाग की टीमें शहर के अलग-अलग इलाकों में लगातार गश्त कर रही हैं। तेंदुए की तलाश के लिए दिन में सामान्य ड्रोन और रात में थर्मल ड्रोन की मदद ली जा रही है। वहीं, वन्यजीव विशेषज्ञों की देखरेख में पिंजरे लगाकर तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने की तैयारी भी की गई है।
शहर के कई इलाकों में दिन-रात गश्त
वन विभाग के अनुसार, तेंदुआ दिखाई देने की सूचनाएं समाचार पत्रों, व्हाट्सएप ग्रुपों और सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त हुई थीं। इसके बाद कवर्धा और भोरमदेव अभयारण्य के परिक्षेत्र अधिकारियों ने गश्ती दल गठित किए।
ये दल पिछले दो सप्ताह से प्रतिदिन सुबह 4 से 8 बजे तक और शाम 6 बजे से रात 2 बजे तक निगरानी कर रहे हैं। गश्त के दायरे में शिक्षक कॉलोनी, राजमहल, समनापुर रोड, खूंटू रोड, साधना नगर, लकड़ी टाल, मठ पारा, नवीन बाजार और 17वीं बटालियन परिसर शामिल हैं।
ड्रोन से निगरानी, विशेषज्ञों की देखरेख में लगाए पिंजरे
तेंदुए की तलाश के लिए सुबह सामान्य ड्रोन और रात में थर्मल ड्रोन से निगरानी की जा रही है। इसके अलावा कानन पेंडारी, बिलासपुर और जंगल सफारी, रायपुर से वन्यजीव विशेषज्ञों को बुलाया गया है।
विशेषज्ञों की देखरेख में लकड़ी टाल, मठ पारा, नवीन बाजार और 17वीं बटालियन परिसर में पिंजरे लगाए गए हैं। तेंदुए को सुरक्षित रूप से पकड़ने के उद्देश्य से पिंजरों में बकरी रखी गई है।
AI से बने फर्जी फोटो-वीडियो फैलाने पर चेतावनी
वन विभाग ने कहा है कि कुछ लोग सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुपों में तेंदुआ दिखाई देने के अपुष्ट संदेशों के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तैयार भ्रामक फोटो और वीडियो भी प्रसारित कर रहे हैं। इससे आम लोगों में भय का माहौल बन रहा है और वन विभाग की टीमों के काम में भी बाधा उत्पन्न हो रही है।
विभाग ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि किसी भी फोटो, वीडियो या संदेश को साझा अथवा फॉरवर्ड न करें। तेंदुआ दिखाई देने की सूचना सीधे वन विभाग के अधिकृत अधिकारियों या कर्मचारियों को दें।
अफवाह फैलाने वालों पर FIR की तैयारी
वन विभाग ने चेतावनी दी है कि जानबूझकर भ्रामक या अफवाहजनक सामग्री बनाने, प्रसारित करने अथवा आगे भेजने वालों के विरुद्ध प्रचलित कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। विभाग ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 353, 336, 221 और 223 के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा वन्यजीव संरक्षण से जुड़े कानूनों का उल्लेख किया है।
ऐसे मामलों की साइबर सेल और पुलिस विभाग के सहयोग से जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।
आमजन से वन विभाग की अपील
वन विभाग ने नागरिकों से सावधानी बरतने और अफवाहों से बचने की अपील की है। विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अपुष्ट फोटो, वीडियो और संदेशों पर विश्वास न करें और उन्हें साझा न करें। रात और सुबह-सुबह अकेले बाहर निकलने से बचें। बच्चों और पालतू पशुओं का विशेष ध्यान रखें। तेंदुआ दिखाई देने पर उसके पास जाने, पीछा करने, फोटो-वीडियो बनाने या भीड़ लगाने की कोशिश न करें। तेंदुए की मौजूदगी की सूचना तत्काल वन विभाग को दें।
इन नंबरों पर दें सूचना
तेंदुआ दिखाई देने या उससे संबंधित किसी भी सूचना के लिए वन विभाग ने संपर्क नंबर जारी किए हैं—
परिक्षेत्र अधिकारी, कवर्धा: 9981426667
परिक्षेत्र अधिकारी, भोरमदेव अभयारण्य: 7000030662
वन विभाग ने कहा है कि आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निगरानी और तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने के प्रयास जारी हैं।



