
भारतीय जनता पार्टी मिशन 2027 की तैयारी में जुट गई है। यूपी भाजपा को नया अध्यक्ष मिलने के बाद अब प्रदेश को नए मंत्री मिल सकते है। जी हां यूपी मंत्रिमंडल विस्तार पर मंथन शुरू हो गया है। सरकार पीडीए समीकरण को दुरुस्त करने की तैयारी में जुट गई है। मंत्रीमंडल विस्तार को लेकर दिल्ली से लखनऊ तक मंथन शुरू हो गया है। मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड के आधार पर कई को संगठन में जिम्मेदारी मिलेगी।
भूपेंद्र सिंह चौधरी का होगा समायोजन
बताया जा रहा है कि संभावित मंत्रिमंडल के फेरबदल में जातीय समीकरण पर चर्चा की जाएगी। मंत्रिमंडल में पिछड़े व दलित मंत्रियों का प्रतिनिधित्व व कद बढ़ाने पर मंथन किया जा रहा है। योगी कैबिनेट (Yogi Cabinet Expansion) में ऊर्जावान व युवा विधायकों को मौका मिल सकता है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी का समायोजन होगा। मंत्रिमंडल विस्तार में आधे दर्जन नए चेहरों को मौका मिल सकता है।
बता दें कि योगी कैबिनेट में अभी कुल 54 मंत्री है। जबकि संवैधानिक रूप से 60 मंत्रियों तक की गुंजाइश है। इसका मतलब योगी सरकार के पास 6 नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल करने का पूरा अवसर है। जिसके चलते सरकार और संगठन दोनों स्तरों पर मंथन शुरू हो (Yogi Cabinet Expansion) गया है। इस विस्तार के साथ-साथ कुछ मंत्रियों को संगठन की जिम्मेदारी देकर मंत्रिमंडल से बाहर किया जा सकता है।



