
प्रयागराज, इलाहाबाद हाईकोर्ट में कोडीन कफ़ सिरप की तस्करी मामले में गिरफ्तारी पर रोक को लेकर दाखिल याचिकाओं पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। मामले में सरगना शुभम जायसवाल समेत सभी आरोपियों की याचिकाएं खारिज कर दी है। इन याचिकाओं में कई जिलों के आरोपियों ने गिरफ्तारी पर रोक के लिए मांग की थी। प्रयागराज सहित कई अन्य जिलों में 128 एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक से इनकार कर दिया है।
कोडीन कफ़ सिरप की तस्करी को लेकर पुलिस राज्य स्तरीय अभियान चला रही है। इसमें गिरफ्तारी से बचने के लिए दर्जनों आरोपियों ने याचिका दाखिल की हैं। गाजियाबाद, बस्ती, जौनपुर, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर नगर सहित कई अन्य जिलों में अब तक 128 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
आपको बता दें कि गुरुवार को याचियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता निपुन सिंह ने कहा था कि मामला ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत आता है इसलिए इसमें प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकती। एक्ट में परिवाद का प्रावधान है और पुलिस बीएनएस व एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज कर रही है। राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी और अपर शासकीय अधिवक्ता प्रथम परितोष कुमार मालवीय ने कहा था कि कफ़ सिरप में कोडीन फास्फेट नामक तत्व मिला है जिसका उपयोग सिर्फ नशे के लिए किया जा रहा है। ऐसे में मामला एनडीपीएस एक्ट का है जिसके प्रावधानों का याचियों ने उल्लंघन किया और फर्जी फर्म बनाकर सिर्फ कागज़ पर ट्रांजेक्शन दिखाया गया। राज्य सरकार की ओर से बहस पूरी हुई है। इसके बाद आज मामले में सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।



