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ईरान संकट के बीच ट्रंप का पीएम मोदी के साथ मिलकर समाधान निकालने का संदेश, जानिए क्या हैं इसके मायने?

पीएम मोदी के साथ मिलकर निपट लेंगे, ईरान संकट के बीच डोनाल्ड ट्रंप का संदेश; क्या हैं मायने

ईरान संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ मिलकर वह किसी भी समस्या का हल निकाल सकते हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह बात किस संदर्भ में कही गई है। हालांकि जानकारों का कहना है कि ईरान युद्ध के चलते दुनियाभर में ऊर्जा संकट और उससे निपटने को लेकर यह बात कही गई है।

भारत में अमेरिकी दूतावास की तरफ से डोनाल्ड ट्रंप के संदेश साझा करते हुए कहा गया, भारत के साथ हमारे पुराने संबंध और प्रगाढ़ता की ओर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मैं ऐसे दो व्यक्ति हैं जो कि किसी भी समस्या से निपट सकते हैं। इससे ज्यादा कुछ कहने की जरूरत नहीं है। बता दें कि मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बात हुई थी।

ईरान युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच बातचीत हुई थी। प्रधानमंत्री ने कहा था. राष्ट्रपति ट्रंप ने फोन पर बात की और उनके साथ पश्चिम एशिया को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई। भारत जल्द से जल्द शांति स्थापित करने और युद्ध रोकने के पक्ष में है और दुनिया के लिए भी यही जरूरी है। उन्होंने कहा कि विश्व में शांति और स्थिरता के लिए हम दोनों संपर्क में रहेंगे।

ईरान को 6 अप्रैल तक राहत

डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए ईरान को दी गई समयसीमा छह अप्रैल तक बढ़ा दी है। राष्ट्रपति ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वह ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर बमबारी को फिलहाल रोकेंगे। यह ताजा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब युद्धविराम वार्ता को लेकर दोनों देश गतिरोध की स्थिति में दिखाई दे रहे हैं तथा उन्होंने अपने-अपने रुख कड़े कर लिए। इस बीच, अमेरिका के हजारों और सैनिक इस क्षेत्र के करीब पहुंच गए हैं वहीं इजराइल ने ईरान समर्थित उग्रवादी समूह हिज्बुल्ला से लड़ने के लिए दक्षिणी लेबनान में और सैनिक भेजे हैं तथा ईरान ने महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली।

इजराइल में सायरन बजने लगे, जिससे ईरान की ओर से मिसाइलों की बौछार की चेतावनी मिली और खाड़ी देशों ने मिसाइलों को उनके लक्ष्य तक पहुंचने से रोकने के प्रयास किए। ईरान की राजधानी और अन्य शहरों में हमले हुए। इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में भी बम बरसाए हैं। इसके बाद लेबनान में अफरा-तफरी मची हुई है।

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