
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार महिलाओं और किन्नर (ट्रांसजेंडर) समुदाय को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू करने जा रही है। ‘दुर्गा ई-ऑटो योजना’ के तहत पात्र महिलाओं और किन्नरों को ई-ऑटो उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वे स्वरोजगार से जुड़कर अपनी आय बढ़ा सकें। सरकार का लक्ष्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि राजधानी में सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को भी बढ़ावा देना है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, योजना का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है और इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। आवेदन और पंजीकरण के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) की मदद से एक विशेष वेबसाइट भी विकसित की जा रही है।
क्या है दुर्गा ई-ऑटो योजना?
दुर्गा ई-ऑटो योजना दिल्ली सरकार की एक विशेष पहल है, जिसके तहत महिलाओं और किन्नर समुदाय को ई-ऑटो उपलब्ध कराकर उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे।
योजना के प्रमुख उद्देश्य:
- महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना
- किन्नर समुदाय को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना
- सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना
- प्रदूषण मुक्त ई-वाहनों का उपयोग बढ़ाना
- महिलाओं की परिवहन क्षेत्र में भागीदारी बढ़ाना
पहले चरण में कितने लोगों को मिलेगा लाभ?
योजना के पहले चरण में:
- 1,000 महिलाओं को ई-ऑटो दिए जाएंगे।
- 100 किन्नरों को भी योजना का लाभ मिलेगा।
दिलचस्प बात यह है कि सभी ई-ऑटो गुलाबी (पिंक) रंग के होंगे, जिससे उनकी अलग पहचान बनेगी।
कैसे होगा ई-ऑटो का आवंटन?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ई-ऑटो का वितरण “पहले आओ, पहले पाओ” (First Come, First Serve) के आधार पर किया जाएगा।
इसके लिए:
- ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
- पात्रता की जांच होगी।
- चयनित आवेदकों को ई-ऑटो आवंटित किए जाएंगे।
महिलाओं के लिए संभावित पात्रता
योजना का लाभ लेने के लिए महिला आवेदकों को निम्न शर्तें पूरी करनी होंगी:
✔ दिल्ली की निवासी हो।
✔ वैध वोटर आईडी कार्ड हो।
✔ आयु 20 से 40 वर्ष के बीच हो।
✔ वैध ड्राइविंग लाइसेंस हो।
✔ पब्लिक व्हीकल (PV) बैज होना आवश्यक।
✔ परिवार के किसी सदस्य के नाम पहले से ऑटो रिक्शा पंजीकृत न हो।
✔ वित्तीय वर्ष 2024-25 में परिवार की वार्षिक आय 5 लाख रुपये से कम हो।
किन्नरों के लिए संभावित पात्रता
किन्नर समुदाय के आवेदकों के लिए भी कुछ विशेष शर्तें निर्धारित की गई हैं।
आवश्यक दस्तावेज:
- जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी ट्रांसजेंडर पहचान प्रमाण पत्र
- दिल्ली निवास प्रमाण
- वोटर आईडी
- वैध ड्राइविंग लाइसेंस
- पीवी (Public Vehicle) बैज
आयु सीमा 20 से 40 वर्ष रखी गई है।
तीन साल तक नहीं बेच सकेंगे ई-ऑटो
योजना में एक महत्वपूर्ण प्रावधान भी जोड़ा गया है।
सरकार के अनुसार:
- लाभार्थी आवंटित ई-ऑटो को 3 वर्षों तक बेच नहीं सकेगा।
- इससे यह सुनिश्चित होगा कि वाहन का उपयोग वास्तव में रोजगार के लिए किया जाए।
- योजना का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंचे।
कैब प्लेटफॉर्म से भी जोड़े जाएंगे चालक
दिल्ली सरकार महिला और किन्नर चालकाओं की आय बढ़ाने के लिए उन्हें विभिन्न कैब एग्रीगेटर और राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी भी कर रही है।
इससे:
- यात्रियों तक पहुंच आसान होगी।
- नियमित कमाई के अवसर बढ़ेंगे।
- स्वरोजगार को स्थिरता मिलेगी।
महिलाओं की सुरक्षा पर भी रहेगा फोकस
सरकार का मानना है कि महिला चालक द्वारा संचालित ई-ऑटो में यात्रा करने वाली महिलाओं और युवतियों को अधिक सुरक्षा और भरोसे का अनुभव होगा।
विशेष रूप से:
- सुबह जल्दी यात्रा करने वाली महिलाएं
- देर रात घर लौटने वाली महिलाएं
- छात्राएं और कामकाजी महिलाएं
ऐसी सेवाओं का अधिक उपयोग कर सकती हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना?
दुर्गा ई-ऑटो योजना केवल रोजगार कार्यक्रम नहीं है, बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
योजना के संभावित लाभ:
- महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता
- किन्नर समुदाय का सशक्तिकरण
- सुरक्षित परिवहन व्यवस्था
- हरित और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा
- स्वरोजगार के नए अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजना सफल रहती है, तो यह देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है।



