
मध्य प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हार के डर और आंतरिक गुटबाजी के चलते जानबूझकर नामांकन पत्र में ऐसी गलती की, जिसके कारण उसका फॉर्म खारिज हो गया।
दिल्ली रवाना होने से पहले भोपाल स्थित गुफा मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस की रणनीति और संगठनात्मक स्थिति पर कई सवाल उठाए।
मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर उठे सवाल
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्यसभा जैसे महत्वपूर्ण चुनाव में नामांकन पत्र भरते समय पूरी सावधानी बरती जाती है। इसके बावजूद कांग्रेस प्रत्याशी के फॉर्म में गंभीर त्रुटियां सामने आना कई सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के भीतर इस सीट को लेकर कई नेताओं की दावेदारी थी और पार्टी के अंदरूनी मतभेदों का असर नामांकन प्रक्रिया में दिखाई दिया।
मुख्यमंत्री के अनुसार:
- हार की आशंका पहले से दिखाई दे रही थी।
- पार्टी के अंदर गुटबाजी चरम पर थी।
- नामांकन में हुई गलती सामान्य चूक नहीं लगती।
- कांग्रेस को अपनी कार्यप्रणाली पर आत्ममंथन करना चाहिए।
‘पंच-सरपंच भी फॉर्म सही भरता है’
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि गांव स्तर पर पंच और सरपंच चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार भी अपने नामांकन पत्र में सभी जानकारियां सावधानीपूर्वक भरते हैं।
उन्होंने कहा कि कई चुनाव लड़ चुके वरिष्ठ नेताओं द्वारा आवश्यक जानकारी नहीं देना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि निर्वाचन अधिकारी के समक्ष कांग्रेस की ओर से भी यह स्वीकार किया गया कि कुछ जरूरी जानकारियां प्रस्तुत नहीं की गई थीं।
कांग्रेस की एकजुटता पर भी उठाए सवाल
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस के संगठनात्मक हालात पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पार्टी को अपने विधायकों पर भरोसा नहीं था, इसलिए उन्हें एकजुट रखने के लिए विशेष व्यवस्थाएं करनी पड़ीं।
उनका कहना था कि यह स्थिति कांग्रेस के भीतर विश्वास की कमी और गुटीय संघर्ष को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री के प्रमुख आरोप
- कांग्रेस में आंतरिक कलह बढ़ी हुई है।
- पार्टी नेतृत्व अपने विधायकों को लेकर आश्वस्त नहीं है।
- उम्मीदवार चयन प्रक्रिया में गंभीर खामियां रही हैं।
- राज्यसभा चुनाव में संगठनात्मक कमजोरी उजागर हुई है।
‘यह नारी सम्मान का मुद्दा नहीं’
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले को महिला उम्मीदवार के सम्मान से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार मुद्दा केवल नामांकन प्रक्रिया और आवश्यक कानूनी जानकारियों के पालन का है।
उन्होंने कहा कि किसी भी उम्मीदवार का चयन करते समय पार्टी को सभी तथ्यों और कानूनी पहलुओं की पूरी जांच करनी चाहिए।
पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व की भी प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश को मजबूत नेतृत्व दिया है और राष्ट्रीय सुरक्षा से लेकर विकास तक कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। मुख्यमंत्री ने बाबा महाकाल से प्रधानमंत्री की दीर्घ सफलता की कामना भी की।
भाजपा की कार्यकर्ता आधारित राजनीति का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा संगठन में जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को भी आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पार्टी सामान्य कार्यकर्ताओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां और चुनावी अवसर प्रदान करती है।



