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पश्चिम बंगाल में विभागों का महाबंटवारा! CM शुभेंदु ने अपने पास रखे गृह-ऊर्जा, स्वपन दासगुप्ता बने वित्त मंत्री

पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार में मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा आखिरकार हो गया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों को विभाग आवंटित कर प्रशासनिक कामकाज की दिशा स्पष्ट कर दी। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि मुख्यमंत्री ने गृह, ऊर्जा और भूमि जैसे महत्वपूर्ण विभाग अपने पास ही रखे हैं, जबकि वरिष्ठ नेता और पूर्व पत्रकार स्वपन दासगुप्ता को वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मंत्रिमंडल विस्तार के करीब दस दिन बाद जारी इस सूची ने राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। भाजपा सरकार ने अनुभवी नेताओं के साथ-साथ नए चेहरों को भी महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी देकर संतुलन बनाने की कोशिश की है।

मुख्यमंत्री के पास सबसे अहम विभाग

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के कई महत्वपूर्ण विभाग अपने पास रखे हैं।

मुख्यमंत्री के पास मौजूद प्रमुख विभाग:

  • गृह एवं पहाड़ी क्षेत्र मामले
  • भूमि एवं भूमि सुधार
  • शरणार्थी राहत और पुनर्वास
  • बिजली विभाग
  • सूचना एवं सांस्कृतिक मामले
  • कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार
  • अन्य अवितरित विभाग

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन विभागों को अपने पास रखकर मुख्यमंत्री प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत रखना चाहते हैं।

स्वपन दासगुप्ता को मिला वित्त विभाग

पूर्व पत्रकार और राज्यसभा सदस्य रह चुके स्वपन दासगुप्ता को वित्त विभाग सौंपा गया है। राज्य के बजट, राजस्व और वित्तीय प्रबंधन की जिम्मेदारी अब उनके कंधों पर होगी।

वहीं तापस राय को उद्योग, वाणिज्य और उद्यम विभाग दिया गया है, जिससे राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को गति देने की उम्मीद जताई जा रही है।

इन नेताओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी

सरकार ने कई प्रमुख नेताओं को अहम विभाग सौंपे हैं।

मुख्य कैबिनेट मंत्रियों के विभाग:

  • दिलीप घोष – पंचायत एवं ग्रामीण विकास, कृषि विपणन
  • निशीथ प्रमाणिक – उत्तर बंगाल विकास, जल संसाधन
  • अग्निमित्रा पॉल – शहरी विकास एवं नगर प्रशासन
  • डॉ. शरदवत मुखर्जी – स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
  • अर्जुन सिंह – श्रम एवं परिवहन
  • दूध कुमार मंडल – कृषि
  • दीपक बर्मन – स्कूली शिक्षा, आवास और MSME
  • जगन्नाथ चट्टोपाध्याय – उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा

स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष फोकस

नई सरकार ने स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में भी अनुभवी चेहरों को जिम्मेदारी दी है।

महत्वपूर्ण नियुक्तियां:

  • डॉ. शरदवत मुखर्जी – स्वास्थ्य मंत्री
  • जगन्नाथ चट्टोपाध्याय – उच्च शिक्षा मंत्री
  • दीपक बर्मन – स्कूल शिक्षा मंत्री

सरकार का मानना है कि इन क्षेत्रों में सुधार से आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा।

महिला एवं खेल विभाग में नए चेहरे

राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में भी कई नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं।

स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्री:

  • मालती रावा रॉय – महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण
  • राजेश महता – पशु संसाधन विकास एवं मत्स्य पालन
  • डॉ. इंद्रनील खान – युवा सेवाएं, खेल और उपभोक्ता मामले

41 सदस्यों का हुआ मंत्रिपरिषद

राज्यपाल द्वारा हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार में 35 नए मंत्रियों को शपथ दिलाई गई थी।

मंत्रिपरिषद की वर्तमान स्थिति:

  • 18 कैबिनेट मंत्री
  • 3 स्वतंत्र प्रभार मंत्री
  • 20 राज्य मंत्री
  • कुल 41 सदस्यीय मंत्रिपरिषद

यह राज्य के इतिहास के बड़े मंत्रिमंडलों में से एक माना जा रहा है।

सरकार की प्राथमिकताएं क्या होंगी?

विभागों के बंटवारे से साफ संकेत मिलता है कि नई सरकार बुनियादी ढांचे, उद्योग, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहती है। साथ ही गृह और भूमि जैसे विभाग अपने पास रखकर मुख्यमंत्री प्रशासनिक और राजनीतिक नियंत्रण मजबूत बनाए रखना चाहते हैं।

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