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Illegal Immigration पर अमित शाह का बड़ा एक्शन! सीमावर्ती जिलों से मेट्रो शहरों तक आबादी बदलाव की होगी गहन जांच

देश में अवैध आव्रजन (Illegal Immigration) और उससे जुड़े जनसांख्यिकीय बदलावों को लेकर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने आबादी में हो रहे असामान्य परिवर्तनों के अध्ययन के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति को सीमावर्ती जिलों, महानगरों और औद्योगिक कस्बों में विस्तृत अध्ययन करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का मानना है कि जनसंख्या संरचना में हो रहे बदलाव केवल सामाजिक विषय नहीं हैं, बल्कि इनका संबंध राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और देश की संप्रभुता से भी है।

आबादी में बदलाव का होगा वैज्ञानिक अध्ययन

गृह मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में समिति को निर्देश दिया गया कि वह देश के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर वास्तविक स्थिति का आकलन करे। विशेष रूप से उन इलाकों पर ध्यान दिया जाएगा जहां अवैध आव्रजन या अन्य असामान्य कारणों से जनसंख्या संरचना में तेजी से बदलाव देखने को मिले हैं।

समिति निम्न क्षेत्रों का अध्ययन करेगी:

  • सीमावर्ती जिले
  • बड़े महानगर
  • औद्योगिक नगर और कस्बे
  • संवेदनशील आदिवासी क्षेत्र
  • तेजी से बढ़ती आबादी वाले शहरी क्षेत्र

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश कर रहे हैं नेतृत्व

इस उच्च स्तरीय समिति की अध्यक्षता Prakash Prabhakar Naolekar कर रहे हैं। समिति में प्रशासन, पुलिस और नीति निर्माण से जुड़े अनुभवी विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।

समिति के प्रमुख सदस्य:

  • पूर्व न्यायाधीश जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नाओलेकर
  • पूर्व आईएएस अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्रा
  • पूर्व आईपीएस अधिकारी बालाजी श्रीवास्तव
  • नीति विशेषज्ञ डॉ. शमिका रवि
  • जनगणना आयुक्त

क्यों अहम है यह अध्ययन?

सरकार के अनुसार कई क्षेत्रों में जनसंख्या संरचना में असामान्य बदलाव देखने को मिले हैं। इन बदलावों के पीछे अवैध आव्रजन, सीमापार गतिविधियां और अन्य कारणों की भूमिका का अध्ययन किया जाएगा।

गृह मंत्री अमित शाह ने पहले भी कहा था कि जनसांख्यिकीय परिवर्तन एक गंभीर विषय है क्योंकि इसका प्रभाव कई क्षेत्रों पर पड़ सकता है:

  • राष्ट्रीय सुरक्षा
  • कानून-व्यवस्था
  • सामाजिक संतुलन
  • स्थानीय संसाधनों पर दबाव
  • आदिवासी समुदायों का संरक्षण
  • प्रशासनिक और विकास योजनाओं की प्रभावशीलता

क्या करेगी समिति?

समिति देशभर में जनसंख्या बदलाव के पैटर्न का विश्लेषण करेगी और यह पता लगाएगी कि किन क्षेत्रों में असामान्य वृद्धि या परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं।

इसके तहत:

  • जनसंख्या आंकड़ों का विश्लेषण
  • क्षेत्रीय सर्वेक्षण
  • सामाजिक और आर्थिक प्रभावों का अध्ययन
  • धार्मिक और सामाजिक समुदायों के स्तर पर बदलावों का आकलन
  • नीति संबंधी सुझाव तैयार करना

सरकार को सौंपेगी रिपोर्ट

अध्ययन पूरा होने के बाद समिति केंद्र सरकार को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर प्रशासनिक, कानूनी और नीतिगत कदमों की सिफारिश की जाएगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश की सुरक्षा, सामाजिक स्थिरता और संवेदनशील क्षेत्रों के हितों की रक्षा की जा सके।

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