
नई दिल्ली में आयोजित ‘यशोत्सव 2026’ ने एक बार फिर साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी परिस्थिति की मोहताज नहीं होती। दीपस्तंभ फाउंडेशन मनोबल द्वारा आयोजित इस विशेष समारोह में दिव्यांग, अनाथ, ट्रांसजेंडर और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, खेल और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले युवाओं को मंच पर सम्मान देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
यह आयोजन केवल सम्मान समारोह नहीं था, बल्कि समाज के उन युवाओं की प्रेरक कहानियों का उत्सव था जिन्होंने चुनौतियों को पीछे छोड़कर सफलता की नई इबारत लिखी।
नई दिल्ली में हुआ भव्य आयोजन
‘यशोत्सव 2026’ का आयोजन नई दिल्ली स्थित एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
समारोह में प्रमुख अतिथियों ने मेधावी युवाओं को पदक और सम्मान प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
इन प्रमुख हस्तियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्व शामिल हुए, जिनमें प्रमुख रूप से:
- Rekha Gupta
- Vinod Tawde
- Vinay Sahasrabuddhe
- Ira Singhal
- Ayyaz Tamboli
- Yajurvendra Mahajan
इन सभी ने विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का प्रेरक संदेश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सफलता से भी बड़ा महत्व संकल्प और उद्देश्य का होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपनी शिक्षा और प्रतिभा का उपयोग केवल व्यक्तिगत प्रगति तक सीमित न रखें, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में भी योगदान दें।
उन्होंने समावेशी और सुलभ समाज के निर्माण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और दीपस्तंभ फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की।
अवसर मिलने पर बदल सकती है जिंदगी
राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े ने कहा कि दिव्यांग विद्यार्थियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं होती, बल्कि उन्हें केवल सही अवसरों की आवश्यकता होती है।
उन्होंने महर्षि अष्टावक्र और संत सूरदास के उदाहरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज को दिव्यांगता के प्रति संवेदनशील और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है।
संस्था का लक्ष्य: दया नहीं, अवसर
दीपस्तंभ फाउंडेशन मनोबल के संस्थापक यजुर्वेंद्र महाजन ने कहा कि भारत की दिव्यांग युवा शक्ति में अपार संभावनाएं हैं। यदि उन्हें उचित अवसर और सहयोग मिले तो वे हर क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर सकते हैं।
उन्होंने कहा:
संस्था के प्रमुख उद्देश्य
- दिव्यांग युवाओं को अवसर उपलब्ध कराना
- शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में मार्गदर्शन
- आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को सहयोग
- ट्रांसजेंडर और अनाथ विद्यार्थियों को मुख्यधारा से जोड़ना
- आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास को बढ़ावा देना
इन प्रतिभाओं को मिला सम्मान
समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करने वाले युवाओं को विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
सम्मानित प्रतिभाओं में शामिल
- Manoj Patil
- Bapusaheb Gaikwad
- Suraj Tiwari
- Renuka Kekan
- Akshay Pawar
- Shubham Patil
- Vishal Kumar Anand
इन युवाओं की उपलब्धियां हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनीं।
सहयोगी संस्थाओं को भी मिला सम्मान
कार्यक्रम के दौरान समाज में विशेष योगदान देने वाली संस्थाओं और व्यक्तियों को ‘कृतज्ञता सम्मान’ प्रदान किया गया।
सम्मानित व्यक्तियों और संस्थाओं में:
- Praveen Ambastha
- Saksham Trust
- GAIL (India) Limited
शामिल रहे।



