
सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। पिछले सप्ताह गिरावट के दबाव में रहने के बाद बहुमूल्य धातुओं ने मजबूत वापसी की है। इंडियन बुलियंस एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत में 1,723 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं चांदी के भाव में भी 6,797 रुपये प्रति किलोग्राम का उछाल आया है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-ईरान वार्ता, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां इस सप्ताह सोने-चांदी की दिशा तय कर सकती हैं।
आज का सोने का ताजा भाव
सोमवार को सोने के विभिन्न कैरेट के दामों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।
गोल्ड रेट (प्रति 10 ग्राम)
- 24 कैरेट सोना – ₹1,46,664
- 23 कैरेट सोना – ₹1,46,077
- 22 कैरेट सोना – ₹1,34,344
- 18 कैरेट सोना – ₹1,09,980
- 14 कैरेट सोना – ₹85,798
सोने की कीमतों में आई इस तेजी ने निवेशकों और ज्वेलरी खरीदने वालों का ध्यान एक बार फिर आकर्षित किया है।
चांदी की कीमतों में भी बड़ी छलांग
चांदी के दामों में भी आज मजबूत बढ़त देखने को मिली।
सिल्वर रेट (प्रति किलोग्राम)
- शुक्रवार का भाव – ₹2,30,982
- सोमवार का भाव – ₹2,37,779
- कुल बढ़ोतरी – ₹6,797
चांदी की कीमतों में आई यह तेजी बाजार में बढ़ती मांग और वैश्विक संकेतों का असर मानी जा रही है।
क्यों बढ़ रहे हैं सोने और चांदी के दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार कई अंतरराष्ट्रीय कारण बहुमूल्य धातुओं की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं।
प्रमुख कारण
- अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक वार्ता
- कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव
- वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता
- निवेशकों की सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ती रुचि
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की चाल
इन सभी कारकों का सीधा असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ रहा है।
एक्सपर्ट्स की क्या राय है?
जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के विशेषज्ञ प्रणव मेर के अनुसार फिलहाल सोना और चांदी सीमित दायरे में कारोबार कर रहे हैं, लेकिन बाजार की नजर अमेरिका-ईरान वार्ता और होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए ऊर्जा आपूर्ति पर बनी हुई है।
उनका मानना है कि इन घटनाक्रमों से निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता और वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हो सकते हैं, जिसका असर सीधे तौर पर सोने-चांदी पर दिखाई देगा।
पिछले सप्ताह क्यों आई थी गिरावट?
एलकेपी सिक्योरिटीज के रिसर्च विशेषज्ञ जतिन त्रिवेदी के अनुसार पिछले सप्ताह सोना लगभग 2.2 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ था।
गिरावट के मुख्य कारण
- मजबूत भारतीय रुपया
- ऊर्जा कीमतों में नरमी
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व का सख्त रुख
- घरेलू मांग में कमी
हालांकि इस सप्ताह की शुरुआत तेजी के साथ होने से निवेशकों का भरोसा फिर मजबूत हुआ है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता के दौर में सोना और चांदी सुरक्षित निवेश विकल्प बने हुए हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ता है या आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है, तो कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।
निवेश से पहले ध्यान रखें
- रोजाना बाजार भाव पर नजर रखें
- लंबी अवधि के निवेश की रणनीति अपनाएं
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर ध्यान दें
- प्रमाणित स्रोतों से ही खरीदारी करें



