
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर देशभर में योग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, लेकिन पश्चिम बंगाल के जालदापारा वाइल्डलाइफ डिवीजन में आयोजित एक अनोखे योग सत्र ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। यहां वन विभाग के कर्मचारियों ने हाथियों की मौजूदगी में योगाभ्यास कर प्रकृति, स्वास्थ्य और वन्यजीव संरक्षण का अनूठा संदेश दिया।
इस विशेष आयोजन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि खुले घास के मैदान में योगा मैट बिछाकर प्रतिभागी विभिन्न योगासन कर रहे हैं, जबकि कुछ दूरी पर हाथियों का झुंड शांत भाव से मौजूद है।
हाथियों के साथ योग का अनोखा अनुभव
जालदापारा वाइल्डलाइफ डिवीजन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल योगाभ्यास नहीं था, बल्कि मानव और प्रकृति के बीच संतुलन का संदेश देना भी था।
कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएं:
- खुले प्राकृतिक वातावरण में योगाभ्यास
- हाथियों की मौजूदगी में शांतिपूर्ण योग सत्र
- वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की भागीदारी
- प्रकृति संरक्षण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता
- वन्यजीवों के साथ सह-अस्तित्व का संदेश
हालांकि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रतिभागियों और हाथियों के बीच पर्याप्त दूरी बनाए रखी गई थी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने इस कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया। पोस्ट में बताया गया कि जालदापारा के घास के मैदानों में योग करते हुए प्रतिभागियों ने प्रकृति के साथ एक अलग जुड़ाव महसूस किया।
तोरसा नदी की मधुर ध्वनि, हरियाली से घिरा वातावरण और पास में विचरण करते हाथियों की मौजूदगी ने पूरे आयोजन को बेहद खास बना दिया।
‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ का संदेश
यह कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम “One Earth, One Health – Yoga for All” की भावना को दर्शाता है।
आयोजकों के अनुसार:
- योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है।
- यह मनुष्य और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने का मार्ग भी है।
- पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।
- वन्यजीवों के संरक्षण के बिना प्राकृतिक संतुलन संभव नहीं है।
क्यों खास है जालदापारा वाइल्डलाइफ डिवीजन?
पश्चिम बंगाल का जालदापारा क्षेत्र अपनी जैव विविधता और वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध है। यहां हाथियों के अलावा कई दुर्लभ वन्यजीव भी पाए जाते हैं। प्राकृतिक वातावरण में आयोजित यह योग कार्यक्रम लोगों को प्रकृति के करीब लाने का एक अभिनव प्रयास माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने भी की योग दिवस की सराहना
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल में आयोजित कार्यक्रमों और नागरिकों द्वारा चलाए गए स्वच्छता अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि अनुशासित और स्वस्थ जीवनशैली का आधार है।
उन्होंने नागरिकों द्वारा योग दिवस से पहले चलाए गए स्वच्छता अभियान को भी प्रेरणादायक बताया और इसे सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण कहा।
प्रकृति और योग का अनूठा मेल
जालदापारा में आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि योग केवल बंद कमरों या मैदानों तक सीमित नहीं है। जब योग प्रकृति के बीच किया जाता है, तो उसका अनुभव और भी गहरा और सकारात्मक हो जाता है।
हाथियों की मौजूदगी में हुआ यह अनूठा योग सत्र अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों को स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दे रहा है।



