Featureछत्तीसगढ़

सीड बॉल अभियान के साथ हरियाली की नई शुरुआत

रायपुर, मानसून की दस्तक के साथ बलौदाबाजार वनमण्डल ने जंगलों को फिर से हरा-भरा बनाने की दिशा में बड़ा अभियान शुरू किया है। इस वर्ष वनमण्डल ने दो लाख से अधिक सीड बॉल तैयार कर उनका रोपण करने का लक्ष्य रखा है। प्राकृतिक पुनर्जनन को बढ़ावा देने और कम लागत में अधिक हरित क्षेत्र विकसित करने की यह पहल अब जमीन पर तेजी से दिखाई देने लगी है।

 सीड बॉल अभियान के साथ हरियाली की नई शुरुआत

वनमण्डलाधिकारी के निर्देशन में रिक्त वन क्षेत्रों, असिस्टेड नेचुरल रिजनरेशन क्षेत्रों, चारागाह विकास स्थलों तथा नदी-नालों के किनारों पर चरणबद्ध तरीके से सीड बॉल का रोपण किया जा रहा है। अभियान की खास बात यह है कि इसमें स्थानीय जलवायु और पारिस्थितिकी के अनुरूप इमली, चार, बेल, बेर, आम, बहेड़ा सहित अनेक उपयोगी एवं देशज प्रजातियों के बीजों का उपयोग किया गया है।

वन परिक्षेत्र देवपुर के कसौदी परिसर, एएनआर क्षेत्रों और जोंक नदी के किनारे बड़े पैमाने पर सीड बॉल डाले गए हैं। वहीं बारनवापारा, अल्दा, मुढ़ीपार, सुरबाय, डूमरपाली, बल्दाकछार, डाढ़ाखार और पैरागुड़ा सहित कई वन परिसरों में भी यह अभियान लगातार चल रहा है।

वन विभाग के अनुसार आगामी ‘युवान‘ कार्यक्रम के तहत जल स्रोतों, छोटे नालों और नदी तटों पर फलदार एवं बहुउपयोगी वृक्षों के रोपण की भी कार्ययोजना तैयार की गई है। इसका उद्देश्य केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि जल एवं मृदा संरक्षण, वन्यजीवों के लिए खाद्य उपलब्ध कराना और स्थानीय जैव विविधता को मजबूत बनाना भी है।

वनमण्डलाधिकारी का कहना है कि सीड बॉल तकनीक प्राकृतिक पुनर्जनन का प्रभावी और किफायती माध्यम है। जनभागीदारी, स्थानीय प्रजातियों के संरक्षण और वैज्ञानिक प्रबंधन के जरिए वन क्षेत्रों का हरित आच्छादन बढ़ाने के प्रयास लगातार जारी हैं। वर्षा ऋतु में अभियान को और गति देकर जंगलों के दीर्घकालिक संरक्षण तथा पर्यावरण संतुलन को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।

Related Articles

Back to top button