
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ग्लासगो में आयोजित CWG 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय पदक विजेता खिलाड़ियों से मुलाकात की। प्रधानमंत्री आवास पर आयोजित इस खास मुलाकात में उन्होंने खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना की और देश का गौरव बढ़ाने के लिए उन्हें बधाई दी।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों की मेहनत और सफलता को देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का बड़ा स्रोत बताया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों द्वारा जीते गए पदक केवल मेडल नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे कड़ी मेहनत, अनुशासन, संघर्ष और देश के लिए कुछ हासिल करने का जज्बा छिपा है।
‘आपके मेडल शब्दों से कहीं ज्यादा प्रेरित करते हैं’
प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों से बातचीत के दौरान कहा कि उनके मेडल देश के युवाओं को शब्दों से कहीं अधिक प्रभावी तरीके से प्रेरित करते हैं।

उन्होंने कहा कि जब कोई भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश के लिए पदक जीतता है तो उसका असर केवल खेल जगत तक सीमित नहीं रहता। उस सफलता को देखकर देश के लाखों बच्चे और युवा खेलों में आगे बढ़ने का सपना देखते हैं।
प्रधानमंत्री के मुताबिक, खिलाड़ियों की उपलब्धियां युवाओं को यह भरोसा दिलाती हैं कि मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन की जमकर सराहना
CWG 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने कई खेलों में शानदार प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी प्रतियोगिता के दौरान अलग-अलग भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर लगातार बधाई संदेश जारी करते रहे।
प्रधानमंत्री ने भारोत्तोलन, एथलेटिक्स और पैरा खेलों सहित विभिन्न स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना की थी। उदाहरण के तौर पर ज्ञानेश्वरी यादव ने भारोत्तोलन में रजत पदक जीता, जबकि सरवेश कुशारे ने पुरुष हाई जंप में रजत पदक हासिल किया।
इसी तरह शॉट पुट F57 स्पर्धा में शर्मिला ने स्वर्ण और शिल्पा कंचुगारकोप्पालु शायला ने कांस्य पदक हासिल किया।
खिलाड़ियों की मेहनत को बताया देश का गौरव
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक से अधिक समय में भारतीय खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार देश को गौरवान्वित किया है।
उनके अनुसार, खिलाड़ियों की सफलता सिर्फ मौजूदा उपलब्धियों तक सीमित नहीं है। लगातार अच्छे प्रदर्शन ने भारतीय खेलों के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों की मेहनत और निरंतर प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सफलता के पीछे खिलाड़ियों का समर्पण सबसे महत्वपूर्ण है।
‘जो खेलेगा, वो खिलेगा’ का दिया संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने खेलों के महत्व पर जोर देते हुए युवाओं को खेलों से जुड़ने का संदेश दिया। उनका कहना है कि खेल व्यक्ति में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित करते हैं।
CWG 2026 के पदक विजेताओं से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री ने ‘जो खेलेगा, वो खिलेगा’ का संदेश भी दिया। यह संदेश युवाओं को खेलों को जीवन और करियर का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करता है।
खिलाड़ियों से मुलाकात का क्या रहा खास संदेश?
प्रधानमंत्री और खिलाड़ियों की इस मुलाकात को कई मायनों में खास माना जा रहा है। इसका संदेश केवल पदक जीतने वाले खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश के उन लाखों युवाओं तक पहुंचा जो खेलों में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं।
इस मुलाकात से जुड़े प्रमुख संदेश:
- खिलाड़ियों की मेहनत देश के लिए गर्व का विषय है।
- अंतरराष्ट्रीय पदक युवाओं के लिए प्रेरणा का काम करते हैं।
- खेलों को लेकर देश में सकारात्मक माहौल मजबूत हो रहा है।
- खिलाड़ियों की सफलता नई पीढ़ी को बड़े लक्ष्य तय करने के लिए प्रेरित करती है।
- खेल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि अनुशासन और आत्मविश्वास का माध्यम भी हैं।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ी भारतीय खेलों की पहचान
ग्लासगो में आयोजित CWG 2026 में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर देश की मजबूत मौजूदगी दिखाई। प्रतियोगिता में भारत ने विभिन्न खेलों में पदक हासिल किए और कई खिलाड़ियों ने शानदार व्यक्तिगत प्रदर्शन किया।
प्रधानमंत्री ने प्रतियोगिता के दौरान भी भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर बधाई संदेश दिए थे। इससे स्पष्ट है कि सरकार और देश की नजर भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर लगातार बनी रही।
युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा हैं भारतीय खिलाड़ी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि किसी खिलाड़ी की सफलता का महत्व केवल उसके नाम के आगे जुड़ने वाले पदक तक सीमित नहीं होता। एक खिलाड़ी की उपलब्धि किसी दूसरे बच्चे को खेल का मैदान चुनने के लिए प्रेरित कर सकती है।
जब कोई युवा अपने जैसे किसी खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करते देखता है, तो उसके भीतर भी कुछ बड़ा करने का आत्मविश्वास पैदा होता है।
यही वजह है कि प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों के पदकों को युवाओं के लिए प्रेरणा का माध्यम बताया। उनके अनुसार, भारत के खिलाड़ियों की मेहनत और सफलता देश में खेल संस्कृति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
खिलाड़ियों का सम्मान, नई पीढ़ी को संदेश
प्रधानमंत्री आवास पर हुई यह मुलाकात भारतीय खिलाड़ियों के सम्मान के साथ-साथ देश की युवा पीढ़ी के लिए भी एक बड़ा संदेश रही। खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने प्रदर्शन से देश का नाम रोशन किया और प्रधानमंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना की।
CWG 2026 के बाद हुई यह मुलाकात भारतीय खेलों के लिए उत्साह बढ़ाने वाली रही। खिलाड़ियों की उपलब्धियों को सम्मान देने के साथ प्रधानमंत्री ने यह संदेश भी दिया कि मेहनत, समर्पण और खेल के प्रति जुनून से सफलता की नई ऊंचाइयां हासिल की जा सकती हैं।
भारतीय खिलाड़ियों की यह सफलता अब केवल पदकों की संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के बच्चों और युवाओं को खेलों की दुनिया में आगे बढ़ने का सपना देखने और उसे पूरा करने की प्रेरणा भी दे रही है।


