
नई दिल्ली। अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए अमित शाह के राम मंदिर नहीं जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री पिछले ढाई वर्षों में एक बार भी अयोध्या स्थित राम मंदिर में दर्शन के लिए नहीं गए।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि राम मंदिर का राजनीतिक रूप से उल्लेख करने और भगवान राम के नाम पर समर्थन मांगने के बावजूद अमित शाह ने मंदिर जाकर दर्शन नहीं किए। उन्होंने आरोप लगाया कि सार्वजनिक मंचों और भाषणों में राम मंदिर का बार-बार उल्लेख किया गया, लेकिन दर्शन के लिए समय नहीं निकाला गया।
केजरीवाल ने कहा कि वह इस विषय पर अमित शाह से पांच सवाल पूछना चाहते हैं। उनके अनुसार ये सवाल सार्वजनिक जीवन में आस्था और राजनीतिक विमर्श के संबंध में स्पष्टता लाने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने जिन सवालों का उल्लेख किया, उनमें प्रमुख रूप से यह शामिल था कि अमित शाह राम मंदिर क्यों नहीं गए, क्या उनका मंदिर जाने का मन नहीं करता और क्या उन्हें भगवान राम के आशीर्वाद की आवश्यकता महसूस नहीं होती।
प्रेस वार्ता के दौरान केजरीवाल ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी स्वयं को सनातन परंपराओं और मूल्यों से जुड़ा मानती है। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी आस्था और धार्मिक मूल्यों के प्रति ईमानदार दृष्टिकोण रखती है।
वहीं, इस विषय पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दे आगामी राजनीतिक विमर्श में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि अयोध्या स्थित राम मंदिर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इससे जुड़े विषय समय-समय पर राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बनते रहे हैं।



