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‘जो भारत माता के प्रति समर्पित, वही हमारा’: विभाजन विभीषिका दिवस पर CM योगी का कांग्रेस-सपा पर तीखा हमला

लखनऊ। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1947 के विभाजन की त्रासदी को याद करते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी पहचान जाति, क्षेत्र, भाषा या नातेदारी नहीं, बल्कि भारतीय होना है।

कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने जीपीओ स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा स्थल से लोकभवन तक मौन पदयात्रा में हिस्सा लिया। इसके बाद लोकभवन में विभाजन की त्रासदी पर आधारित प्रदर्शनी, लाइव पेंटिंग और लघु फिल्म का अवलोकन किया गया। इस दौरान विस्थापित परिवारों के प्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया गया।

‘जो भारत माता के प्रति समर्पित, वह हमारा’

लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “जो भारत माता के प्रति समर्पित है, वह हमारा है।”

उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की पहचान जाति, क्षेत्र, भाषा या परिवार से हो सकती है, लेकिन सबसे बड़ी पहचान भारतीय होने की होनी चाहिए। देश की एकता और अखंडता को मजबूत करना केवल सरकार की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

योगी ने कहा कि भारत को मजबूत बनाने के लिए समाज को संकीर्ण पहचान से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता देनी होगी।

1947 के विभाजन को बताया इतिहास का काला अध्याय

मुख्यमंत्री ने 1947 के विभाजन को मानवता के इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान करोड़ों लोगों को अपनी जन्मभूमि छोड़कर विस्थापित होना पड़ा और बड़ी संख्या में लोगों को हिंसा का सामना करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस केवल अतीत की घटनाओं को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि उन परिस्थितियों से सीख लेने का दिन भी है, जिनकी वजह से देश को भारी मानवीय कीमत चुकानी पड़ी।

योगी ने कहा कि नई पीढ़ी को विभाजन की वास्तविक पीड़ा और विस्थापित परिवारों के संघर्ष के बारे में जानकारी देना जरूरी है।

कांग्रेस पर योगी का सीधा हमला

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सत्ता हासिल करने की राजनीतिक महत्वाकांक्षा के कारण देश के विभाजन का रास्ता तैयार हुआ और इसका सबसे बड़ा खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ा।

उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अनेक लोगों को भुला दिया गया, जबकि सत्ता और राजनीति से जुड़े लोग लंबे समय तक राजनीतिक विमर्श के केंद्र में बने रहे।

योगी ने कहा कि विभाजन के बाद विस्थापित परिवारों ने जिस पीड़ा और संघर्ष का सामना किया, उसे इतिहास के पन्नों से गायब नहीं होने देना चाहिए।

CAA को लेकर कांग्रेस-सपा पर सवाल

मुख्यमंत्री ने नागरिकता संशोधन कानून यानी CAA को लेकर भी कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर हमला बोला।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को नागरिकता देने का प्रावधान किया गया। इसके बावजूद इस कानून का विरोध किया गया।

योगी ने आरोप लगाया कि CAA के विरोध के पीछे कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की राजनीतिक भूमिका रही। उन्होंने कहा कि वोट बैंक की राजनीति के लिए समाज को बांटने की कोशिश देश की एकता के लिए नुकसानदायक है।

‘आपसी विभाजन से भारत कमजोर होता है’

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जाति, क्षेत्र, भाषा और संप्रदाय के आधार पर समाज को बांटने की कोशिशें देश को कमजोर करती हैं।

उन्होंने कहा कि जब समाज के भीतर विभाजन बढ़ता है तो ऐसी ताकतों को फायदा होता है, जो भारत को कमजोर करना चाहती हैं।

मुख्यमंत्री ने नागरिकों से आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत करने की अपील की।

विस्थापित परिवारों के अधिकारों का किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में विभाजन के बाद आए विस्थापित परिवारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अनेक परिवारों को दशकों तक अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ा।

योगी के मुताबिक मौजूदा राज्य सरकार ने ऐसे परिवारों के दस्तावेज दुरुस्त कराने, नागरिकता संबंधी मामलों में मदद करने और भूमि अधिकार उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया है।

उन्होंने बिजनौर, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और रामपुर समेत विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले विस्थापित परिवारों का जिक्र किया।

प्रदर्शनी के जरिए दिखाई गई विभाजन की पीड़ा

लोकभवन में आयोजित प्रदर्शनी में विभाजन के दौर की तस्वीरों और घटनाओं को प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन तस्वीरों के माध्यम से उस समय की भयावह परिस्थितियों को समझा जा सकता है।

उन्होंने अभिभावकों और युवाओं से ऐसी प्रदर्शनियों को देखने की अपील की, ताकि नई पीढ़ी यह समझ सके कि विभाजन की कीमत आम लोगों ने किस तरह चुकाई थी।

ब्रजेश पाठक ने भी याद की विभाजन की त्रासदी

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी 1947 की त्रासदी को याद किया। उन्होंने कहा कि सिंधी, पंजाबी, सिख और बंगाली समाज सहित अनेक विस्थापित परिवारों ने विभाजन में अपना सब कुछ खो दिया, लेकिन इसके बावजूद मेहनत और संघर्ष के जरिए देश में अपनी नई पहचान बनाई।

उन्होंने कहा कि इन परिवारों की पीड़ा को भुलाया नहीं जा सकता।

ब्रजेश पाठक ने कहा कि विभाजन विभीषिका को याद करने का उद्देश्य समाज को बांटना नहीं, बल्कि इतिहास से सीख लेकर भविष्य में ऐसी त्रासदी की पुनरावृत्ति रोकना है।

‘एकता से बनेगा मजबूत भारत’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के अंत में मजबूत, सुरक्षित, समरस, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि भारत की मजबूती केवल सरकार के प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए नागरिकों की एकजुटता भी उतनी ही जरूरी है।

संत रामानंद के संदेश का उल्लेख करते हुए योगी ने सामाजिक समरसता पर जोर दिया और जाति-पाति तथा क्षेत्रीय भेद से ऊपर उठकर समाज को एक सूत्र में बांधने की अपील की।

लखनऊ का यह कार्यक्रम जहां 1947 के विभाजन की पीड़ा और विस्थापित परिवारों के संघर्ष को याद करने का अवसर बना, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कांग्रेस और सपा पर तीखे राजनीतिक हमले के कारण भी चर्चा में रहा।

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