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UP में बेटियों को बड़ी राहत! एक ही स्कूल में दो बहनें पढ़ें तो एक की फीस होगी माफ, योगी सरकार की तैयारी

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा और राहत भरा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। प्रस्ताव के अनुसार, यदि एक ही परिवार की दो बेटियां एक ही स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रही हैं, तो उनमें से एक की ट्यूशन फीस माफ की जा सकती है या उसकी भरपाई राज्य सरकार द्वारा की जाएगी।

इस प्रस्ताव का उद्देश्य बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देना और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत देना बताया जा रहा है।

क्या है नई योजना?

प्रस्ताव के अनुसार, अगर किसी परिवार की दो बेटियां एक ही शैक्षणिक संस्थान में पढ़ रही हैं, तो उनमें से एक छात्रा की फीस:

  • या तो पूरी तरह माफ की जाएगी
  • या फिर उसकी फीस का भुगतान सरकार करेगी

यह सुविधा यूपी बोर्ड के साथ-साथ सीबीएसई और आईसीएसई से जुड़े स्कूलों में भी लागू हो सकती है।

किन छात्रों को मिलेगा लाभ?

शुरुआती जानकारी के अनुसार यह योजना खासतौर पर उन परिवारों के लिए होगी—

  • जिनकी आय सरकार द्वारा निर्धारित सीमा से कम है
  • जिनकी दो या अधिक बेटियां कक्षा 9 से 12 में पढ़ रही हैं
  • जो सरकारी या मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में अध्ययन कर रही हैं

इस योजना का दायरा आगे चलकर कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर तक भी बढ़ाया जा सकता है।

शिक्षा विभाग ने शुरू की तैयारी

महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग ने इस योजना को लेकर शिक्षा विभाग से डेटा मांगा है। इसमें प्रदेश के विभिन्न बोर्डों के स्कूलों से छात्राओं का पूरा विवरण जुटाया जा रहा है।

शासन ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों और शिक्षा अधिकारियों से निम्न जानकारी मांगी है:

  • कक्षा 9 से 12 तक छात्राओं का रिकॉर्ड
  • विभिन्न बोर्ड (UP बोर्ड, CBSE, ICSE) का डेटा
  • निजी और स्ववित्तपोषित स्कूलों की फीस संरचना
  • पात्र परिवारों की सूची

1 जुलाई को होगी अहम बैठक

इस प्रस्ताव पर अंतिम रूप देने के लिए 1 जुलाई को उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई है। इसमें कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे—

  • माध्यमिक शिक्षा विभाग
  • बेसिक शिक्षा विभाग
  • उच्च शिक्षा विभाग
  • महिला कल्याण विभाग
  • वित्त विभाग

बैठक में योजना के क्रियान्वयन, बजट और पात्रता नियमों पर विस्तार से चर्चा होगी।

कैसे लागू हो सकती है योजना?

जानकारी के अनुसार, सरकार इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू कर सकती है:

  • पहले चरण में कक्षा 9 से 12 तक की छात्राएं शामिल होंगी
  • बाद में कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर विस्तार
  • निजी स्कूलों को भी फीस प्रतिपूर्ति मॉडल से जोड़ा जाएगा

कब तक आ सकता है आदेश?

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार—

  • जुलाई के मध्य तक प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जा सकता है
  • इसके बाद कैबिनेट में मंजूरी के लिए भेजा जाएगा
  • मंजूरी मिलते ही आधिकारिक आदेश जारी हो जाएगा

क्यों माना जा रहा है यह बड़ा कदम?

यह योजना कई स्तरों पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है:

  • बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहन
  • गरीब परिवारों को आर्थिक राहत
  • स्कूल ड्रॉपआउट दर में कमी की संभावना
  • शिक्षा में समान अवसर बढ़ाने की दिशा में कदम

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