
उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में होमगार्ड जवानों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत की तैयारी की जा रही है। राज्य सरकार अब होमगार्ड और उनके आश्रितों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने पर विचार कर रही है। इस संबंध में योगी आदित्यनाथ कैबिनेट की सोमवार को होने वाली बैठक में महत्वपूर्ण फैसला लिया जा सकता है।
जानकारी के अनुसार, इस कैबिनेट बैठक में कुल 21 से अधिक प्रस्तावों पर चर्चा और मंजूरी की संभावना है। इनमें नई स्टार्टअप नीति से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य राज्य में रोजगार, निवेश और स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत करना बताया जा रहा है।
होमगार्डों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने से प्रदेश के लगभग 1.60 लाख से अधिक होमगार्ड जवानों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। इस फैसले के लागू होने के बाद होमगार्ड और उनके आश्रित किसी भी मान्यता प्राप्त अस्पताल में बिना अग्रिम भुगतान के इलाज करा सकेंगे। इससे उनके स्वास्थ्य सुरक्षा कवच को और मजबूत किया जाएगा।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह कदम होमगार्ड जवानों के कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। लंबे समय से होमगार्ड संगठन और उनके परिवार इस तरह की सुविधा की मांग कर रहे थे। अब सरकार इस मांग को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है।
कैबिनेट बैठक के बाद मंत्रिसमूह (ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स) की भी बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में विभिन्न विभागों के कामकाज की समीक्षा के साथ-साथ आगामी रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना है। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि अगले छह महीनों में संभावित विधानसभा चुनावों को देखते हुए सरकार अपने जनसंपर्क और प्रशासनिक सक्रियता को और तेज करने की दिशा में कदम उठा सकती है।
सूत्रों के अनुसार, मंत्रिसमूह की बैठक में मंत्रियों को अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक सक्रिय रहने और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए जा सकते हैं। सरकार का फोकस जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने पर है।
नई स्टार्टअप नीति को लेकर भी इस बैठक में अहम निर्णय लिए जा सकते हैं। राज्य में युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में प्रोत्साहित करने के लिए नई योजनाओं को शामिल किए जाने की संभावना है। इससे प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
होमगार्ड कैशलेस इलाज योजना को लेकर यदि कैबिनेट में मंजूरी मिलती है, तो यह राज्य के सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ा सामाजिक सुरक्षा कदम माना जाएगा। इससे न केवल होमगार्डों को स्वास्थ्य संबंधी राहत मिलेगी, बल्कि उनके परिवारों को भी आर्थिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा।
सरकार का मानना है कि इस तरह की योजनाएं कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाती हैं और सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को मजबूत करती हैं। होमगार्ड विभाग को राज्य की आंतरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला बल माना जाता है।
फिलहाल सभी की नजर सोमवार को होने वाली कैबिनेट बैठक पर टिकी हुई है, जिसमें यह तय होगा कि इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है या नहीं। यदि प्रस्ताव पास होते हैं, तो यह राज्य के लाखों होमगार्ड परिवारों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी।



