
छत्तीसगढ़ के बस्तर स्थित प्रसिद्ध मां दंतेश्वरी मंदिर के चढ़ावे और आभूषणों के रिकॉर्ड को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले के बाद प्रदेश के इस ऐतिहासिक और आस्था के प्रमुख केंद्र में भी पारदर्शिता की मांग तेज हो गई है।
मंदिर के मुख्य पुजारी कृष्ण कुमार ने आरोप लगाया है कि वर्षों से श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए जा रहे सोने-चांदी के आभूषणों और अन्य चढ़ावे का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। उन्होंने मंदिर के खजाने का पारदर्शी सत्यापन कराने और रिकॉर्ड सामने लाने की मांग की है।
चढ़ावे और आभूषणों के रिकॉर्ड पर उठे सवाल
मां दंतेश्वरी मंदिर बस्तर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा प्रमुख मंदिर है। यहां हर वर्ष हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं और बड़ी मात्रा में नकद राशि, सोने-चांदी के आभूषण, छत्र और अन्य वस्तुएं चढ़ावे के रूप में अर्पित करते हैं।
मंदिर का संचालन टेंपल कमिटी के माध्यम से किया जाता है, जिसके अंतर्गत मां दंतेश्वरी मंदिर सहित बस्तर क्षेत्र के 22 मंदिर आते हैं।
मुख्य पुजारी का कहना है कि:
- मंदिर में जमा आभूषणों का पूरा विवरण सार्वजनिक होना चाहिए।
- केवल वजन दर्ज करना पर्याप्त नहीं है।
- आभूषणों की गुणवत्ता और शुद्धता की भी नियमित जांच होनी चाहिए।
- मंदिर के खजाने का समय-समय पर सत्यापन जरूरी है।
आठ साल बाद भी जांच अधूरी होने का दावा
मुख्य पुजारी कृष्ण कुमार ने दावा किया कि मंदिर के चढ़ावे और आभूषणों से जुड़े मामले में शिकायत की गई थी, लेकिन करीब आठ साल बाद भी जांच पूरी नहीं हो सकी है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 में मंदिर के खजाने के सत्यापन के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इन निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं हुआ।
इस मामले को लेकर अब मंदिर प्रशासन से पारदर्शिता बरतने और श्रद्धालुओं को सही जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है।
मंदिर के खजाने के ऑडिट की मांग
मां दंतेश्वरी मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं और जानकारों का कहना है कि धार्मिक संस्थानों में पारदर्शी व्यवस्था होना जरूरी है।
उनकी मांग है कि:
- चढ़ावे का नियमित ऑडिट कराया जाए।
- सोने-चांदी के आभूषणों की सूची तैयार की जाए।
- मंदिर की संपत्तियों और खजाने का रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाए।
- लंबे समय से लंबित शिकायतों का समाधान किया जाए।
लोगों का मानना है कि इससे श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत होगा और मंदिर व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी।
बस्तर की आस्था का प्रमुख केंद्र है मां दंतेश्वरी मंदिर
मां दंतेश्वरी मंदिर केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि बस्तर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपराओं का महत्वपूर्ण केंद्र है। बस्तर दशहरा जैसे प्रमुख आयोजनों में भी इस मंदिर की विशेष भूमिका होती है।
मंदिर में आने वाले श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा से चढ़ावा अर्पित करते हैं। ऐसे में मंदिर के खजाने और चढ़ावे की व्यवस्था को लेकर पारदर्शिता की मांग लगातार जोर पकड़ रही है।
अब देखना होगा कि मंदिर प्रशासन और संबंधित विभाग इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या चढ़ावे व आभूषणों से जुड़ा रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाता है या नहीं।



