Featureराष्ट्रीय

MP में लागू होगा UCC? मोहन यादव का बड़ा ऐलान, एक शादी वालों को ही मिलेगा रहने का अधिकार!


मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर बड़ी राजनीतिक और सामाजिक हलचल शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को ऐलान किया कि राज्य सरकार विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता विधेयक पेश करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून के तहत राज्य में केवल एक विवाह करने वाले लोगों को ही निवास का अधिकार दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कटनी जिले के झिंझरी और बहोरिबंद में नवनिर्मित संदीपनी स्कूलों के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह कानून सभी धर्मों के नागरिकों पर समान रूप से लागू होगा और इसका उद्देश्य राज्य में एक समान कानूनी व्यवस्था स्थापित करना है।

UCC में एक विवाह को मिलेगी मान्यता

सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रस्तावित समान नागरिक संहिता के तहत मध्य प्रदेश में एक ही विवाह को मान्यता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार सभी नागरिकों के लिए समान नियम लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि देश “एक राष्ट्र, एक संविधान, एक ध्वज और एक कानून” की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भगवान राम का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश समान कानून व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री के अनुसार:

  • प्रस्तावित कानून सभी धर्मों के लोगों पर लागू होगा।
  • एक से अधिक विवाह की व्यवस्था को मान्यता नहीं दी जाएगी।
  • सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी प्रावधान लागू किए जाएंगे।
  • विधानसभा के मानसून सत्र में विधेयक पेश किया जा सकता है।

20 जुलाई से शुरू होगा विधानसभा सत्र

मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 25 जुलाई तक चलेगा। इसी दौरान सरकार समान नागरिक संहिता विधेयक पेश कर सकती है।

राज्य सरकार ने पहले ही UCC का मसौदा तैयार करने के लिए एक समिति का गठन किया था। समिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। अब इसी आधार पर विधेयक तैयार किया जा रहा है।

अगर यह विधेयक विधानसभा से पारित होकर कानून बनता है तो मध्य प्रदेश, उत्तराखंड के बाद समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का दूसरा राज्य बन सकता है।

भाजपा के एजेंडे का अहम मुद्दा

समान नागरिक संहिता भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख राजनीतिक मुद्दों में शामिल रहा है। पार्टी लंबे समय से देश में समान कानून व्यवस्था लागू करने की वकालत करती रही है।

मध्य प्रदेश सरकार का यह कदम भाजपा के चुनावी वादों से भी जुड़ा माना जा रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, UCC लागू करने का फैसला राज्य में सामाजिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।

शिक्षा और संस्कृति पर भी दिया जोर

कटनी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दो संदीपनी स्कूलों का उद्घाटन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षा, संस्कार और सांस्कृतिक मूल्यों के महत्व पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार भी है। सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।

अब सबकी नजर विधानसभा पर

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब सभी की नजर 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र पर है। यदि सरकार विधेयक पेश करती है और इसे मंजूरी मिलती है, तो मध्य प्रदेश में विवाह, परिवार और व्यक्तिगत कानूनों से जुड़े कई नियमों में बदलाव देखने को मिल सकता है।

समान नागरिक संहिता को लेकर जहां सरकार इसे समानता और एकरूपता की दिशा में कदम बता रही है, वहीं इसके प्रावधानों को लेकर सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर चर्चा भी तेज होने की संभावना है।

Related Articles

Back to top button