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कांकेर में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: बाजार में बिक रहे 11 जीवित कछुए बरामद, तस्कर गिरफ्तार

कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। पखांजूर क्षेत्र में बाजार में 11 जीवित कछुओं की अवैध बिक्री कर रहे एक आरोपी को वन विभाग की उड़नदस्ता टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान सभी कछुओं को सुरक्षित बरामद कर वन विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया।

वन विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र में वन्यजीवों की अवैध तस्करी करने वालों में हड़कंप मच गया है।

मुखबिर की सूचना पर हुई छापेमारी

वन विभाग को सूचना मिली थी कि ग्राम पीवी-124 बाजार में एक व्यक्ति जीवित कछुओं की बिक्री कर रहा है। सूचना मिलते ही वन स्तरीय उड़नदस्ता दल ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की।

कार्रवाई के दौरान आरोपी दीपांकर राय, निवासी पीवी-117, को ग्राहकों को कछुए बेचते हुए पकड़ लिया गया।

11 जीवित कछुए बरामद

तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 11 जीवित कछुए बरामद किए गए।

वन विभाग के अनुसार:

  • बरामद कछुओं की संख्या: 11
  • कुल वजन: करीब 7 किलो 10 ग्राम
  • सभी कछुओं को सुरक्षित रेस्क्यू कर विभाग के संरक्षण में लिया गया।

वन अधिकारियों ने बताया कि वन्यजीवों की तस्करी और अवैध व्यापार पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई

वन विभाग ने आरोपी के खिलाफ वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

आरोपी को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

यह पूरी कार्रवाई कापसी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत की गई।

वन विभाग की अपील

वन अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव की खरीद-बिक्री, शिकार या अवैध परिवहन की जानकारी मिलने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करें। वन्यजीवों का संरक्षण सभी नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है और ऐसे अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य बातें

  • कांकेर के पखांजूर में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई।
  • बाजार में बेचने के लिए लाए गए 11 जीवित कछुए बरामद।
  • आरोपी दीपांकर राय गिरफ्तार।
  • बरामद कछुओं का कुल वजन करीब 7.10 किलोग्राम
  • वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत मामला दर्ज।
  • आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और जैव विविधता को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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