सोनम वांगचुक ने खत्म की भूख हड़ताल, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कही बड़ी बात
एक ओर जहां कॉकरोच जनता पार्टी लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रही है। वहीं, 25 दिनों से ज्यादा समय से भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक ने अब अनशन खत्म कर दिया है। साथ ही मंत्री के इस्तीफे को लेकर खुलकर बात की है।

नई दिल्ली। सोनम वांगचुक ने कहा है कि सरकार ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अभी कोई फैसला नहीं लिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कॉकरोच जनता पार्टी अड़ी हुई है। वहीं, इसी बीच जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अब भूख हड़ताल तोड़ चुके हैं। उन्होंने बताया है कि सरकार ने प्रधान के इस्तीफे की मांग पर तत्काल कुछ नहीं कहा है। साथ ही उन्होंने दावा किया है कि ऐसा नहीं करने से सरकार का ही नुकसान हो रहा है।
शुक्रवार को वांगचुक की तरफ से 11 मिनट का एक वीडियो मैसेज शेयर किया गया है। इसमें उन्होंने अपने अनशन तोड़ने की वजह से लेकर सरकार के साथ हुई बातचीत के बारे में बताया है। खास बात है कि केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के साथ जितेंद्र सिंह भी मेदान्ता अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने जलवायु कार्यकर्ता का अनशन खत्म कराया और सरकार का पक्ष बताया।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर क्या हुई बात
वांगचुक ने कहा कि सरकार ने प्रधान के इस्तीफे पर कोई तत्काल भरोसा नहीं दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि बगैर इसके भी आंदोलन के जरिए काफी कुछ हासिल किया है। उन्होंने कहा, ‘अब मेरे सामने दो रास्ते थे। या तो मैं और अनशन पर बैठूं हफ्तों और शायद उसी में खत्म हो जाऊं।’ उन्होंने कहा, ‘मगर मैं यह भी नहीं मानता कि हमने यह हासिल नहीं किया है। दोस्तों, मेरा दिमाग अलग तरह से चलता है। अगर वह ऐसा नहीं करते, इस्तीफा नहीं देते तो इससे हानि हमें या बच्चों को नहीं होगा। सरकार को खुद होगा। इस छोटे से मुद्दे को ना टालकर वो खुद अपनी हानि कर रहे हैं।’
उन्होंने कहा, ‘बल्कि दे देते इस्तीफा तो कब से उनका यह सारा नुकसान रुक जाता। इसलिए मेरे लिए सबसे ज्यादा जरूरी यह बात नहीं थी। इसका तो खुद निपटारा हो जाएगा तमाम तरीकों से। ज्यादा जरूरी मेरे लिए था कि हमारे बच्चों पर कोई ऐसे केसेस ना लगे। आपको नहीं पता है।’
सरकार ने मानी ये मांगें
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार पहले ही संसद में प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार पर चर्चा कराने का आश्वासन दे चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के नीट प्रश्नपत्र लीक प्रकरणों से जुड़े आत्महत्या के पीड़ितों के परिजनों को उपयुक्त मुआवजा देने के प्रस्ताव पर भी सरकार सकारात्मक रूप से विचार कर रही है।
वांगचुक ने कहा, ‘केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख एपेक्स बॉडी के नेताओं की मौजूदगी में 26 दिन बाद मैंने अपना अनशन समाप्त किया।’ वांगचुक ने अनशन समाप्त करने के बाद कहा कि विभिन्न शर्तों पर लंबी और गंभीर वार्ताओं के उपरांत तथा देश में संभावित हिंसा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया।
जारी रहेगा विरोध प्रदर्शन
कॉकरोच जनता पार्टी ने वांगचुक को अनशन तोड़ने के लिए धन्यवाद किया है। साथ ही यह भी साफ कर दिया है कि राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी रहेगा। इसके अलावा शुक्रवार को ही सीजेपी के प्रतिनिधियों और सरकार के मंत्रियों की एक मीटिंग होने जा रही है। संभावनाएं जताई जा रहीं हैं कि ये मुलाकात दोपहर 12 बजकर 30 मिनट के आसपास हो सकती है।



