NEET पेपर लीक विवाद: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी CJP, सरकार से बातचीत फिर बेनतीजा; कल होगा बड़ा फैसला

NEET पेपर लीक मामले को लेकर पिछले कई हफ्तों से जारी छात्र आंदोलन के बीच सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के बीच हुई दूसरे दौर की बातचीत भी किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। दोनों पक्षों के बीच चर्चा में कुछ मांगों पर सहमति के संकेत मिले हैं, लेकिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अब भी गतिरोध बना हुआ है।
CJP का कहना है कि NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय किए बिना आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा। संगठन ने साफ कर दिया है कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में हुई करीब 50 मिनट बातचीत
सरकार और CJP के प्रतिनिधिमंडल के बीच नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में दोनों पक्षों ने करीब 50 मिनट तक बातचीत की।
CJP की ओर से प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रंका शामिल हुए, जबकि सरकार की ओर से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने बातचीत की।
बैठक के बाद CJP नेताओं ने बताया कि सरकार ने उनकी तीन प्रमुख मांगों में से दो मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है, लेकिन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर कोई सहमति नहीं बन सकी।
इन दो मांगों पर सरकार ने दिखाई सहमति
CJP प्रवक्ता सौरभ दास के अनुसार, बैठक में सरकार ने कुछ मुद्दों पर सकारात्मक संकेत दिए हैं।
मुख्य बिंदु:
- NEET की तैयारी करने वाले उन छात्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग, जिन्होंने तनाव के चलते आत्महत्या की, इस पर सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाया।
- आंदोलन के दौरान छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR और कानूनी कार्रवाई वापस लेने के मुद्दे पर भी सरकार विचार करने को तैयार है।
- हालांकि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।
CJP का कहना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मामले में केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी तय करना भी जरूरी है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अटका मामला
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने बैठक के बाद कहा कि सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर जवाब देने के लिए कल दोपहर तक का समय मांगा है।
उन्होंने कहा कि संगठन को उम्मीद है कि सरकार इस मुद्दे पर जल्द फैसला लेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर निर्णय नहीं होता है तो आंदोलन जारी रहेगा।
CJP ने कहा कि NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में अनियमितताओं के लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, ताकि भविष्य में लाखों छात्रों के साथ ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
जंतर-मंतर पर जारी रहेगा प्रदर्शन
CJP ने पहले ही साफ कर दिया है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहेगा।
संगठन की प्रमुख मांगें हैं:
- NEET पेपर लीक मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई।
- शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम।
- प्रभावित छात्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता।
- प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेना।
- परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
20 जुलाई को भी हुई थी बातचीत
इससे पहले 20 जुलाई को भी सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई थी। उस दौरान भी कई मुद्दों पर चर्चा हुई थी, लेकिन अंतिम समाधान नहीं निकल सका था।
CJP ने इससे पहले सरकार की ओर से मंत्री आवास या कार्यालय में बैठक के निमंत्रण को स्वीकार नहीं किया था। संगठन का कहना था कि बातचीत ऐसे स्थान पर होनी चाहिए, जिस पर दोनों पक्ष सहमत हों।
अब सभी की नजरें कल होने वाली बैठक पर टिकी हैं। अगर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ तो NEET पेपर लीक विवाद को लेकर आंदोलन और तेज हो सकता है।



