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सर्विस रोड पर खड़े ट्रकों पर सख्ती, एक सप्ताह में 524 कार्रवाई

 रायपुर। राजधानी रायपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग की सर्विस रोड पर अवैध रूप से खड़े ट्रक और ट्रेलरों के कारण उत्पन्न हो रही यातायात बाधाओं को दूर करने के लिए पुलिस कमिश्नरेट की ओर से विशेष अभियान लगातार चलाया जा रहा है। डीसीपी यातायात डॉ. अर्चना झा के निर्देशन में संचालित इस अभियान के तहत शुक्रवार को 68 ट्रक और ट्रेलर चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। वहीं पिछले एक सप्ताह के दौरान कुल 524 वाहनों पर वैधानिक कार्रवाई कर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त संदेश दिया गया है।

यातायात पुलिस के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग की सर्विस रोड पर ट्रक और भारी वाहन लंबे समय तक खड़े रहने से आम नागरिकों को आवाजाही में काफी परेशानी होती है। कई बार इन वाहनों के कारण सड़क संकरी हो जाती है, जिससे जाम की स्थिति बनती है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए पुलिस ने विशेष अभियान शुरू किया है, जो आगे भी लगातार जारी रहेगा। शुक्रवार को यह अभियान यातायात थाना टाटीबंद, आमनाका, पचपेड़ी नाका, भनपुरी तथा न्यू राजेंद्र नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीमों द्वारा चलाया गया। अभियान के दौरान सर्विस रोड पर खड़े ट्रक और ट्रेलरों की जांच की गई तथा सबसे पहले वाहन चालकों को नियमों की जानकारी देते हुए तत्काल वाहन हटाने की समझाइश दी गई।

पुलिस ने बताया कि जिन चालकों ने समझाइश के बावजूद नियमों का पालन नहीं किया, उनके खिलाफ ई-चालान की कार्रवाई की गई। कुल 63 वाहन चालकों पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने के कारण ई-चालान जारी किया गया। इसके अलावा ऐसे पांच वाहन चालक, जिनके कारण यातायात गंभीर रूप से बाधित हो रहा था, उनके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 285 के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई। इस प्रकार शुक्रवार को कुल 68 वाहनों पर कार्रवाई की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह केवल दंडात्मक अभियान नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य वाहन चालकों को जागरूक करना भी है ताकि वे राष्ट्रीय राजमार्ग और सर्विस रोड पर अनावश्यक रूप से वाहन खड़े करने से बचें और केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें।

यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया कि हाईवे की सर्विस रोड स्थानीय यातायात के लिए बनाई जाती है। यदि वहां भारी वाहन लंबे समय तक खड़े रहते हैं तो आम लोगों, स्कूल बसों, एंबुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं के वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है। कई बार ऐसे वाहनों की वजह से पीछे से आने वाले वाहन चालकों को दृश्यता नहीं मिलती, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। डीसीपी यातायात डॉ. अर्चना झा के निर्देशन में चल रहे इस अभियान के दौरान पुलिस लगातार ऐसे स्थानों की निगरानी कर रही है,

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