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भिवंडी हादसे पर PM मोदी ने जताया शोक, मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख की आर्थिक सहायता

नई दिल्ली/ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी में बहुमंजिला इमारत का हिस्सा ढहने से हुई दर्दनाक घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। हादसे में नौ लोगों की मौत के बाद प्रधानमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर शोक संदेश जारी किया। उन्होंने लिखा कि महाराष्ट्र के ठाणे में इमारत गिरने से हुई मौतों की खबर बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि इस त्रासदी में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के साथ उनकी गहरी संवेदनाएं हैं और वे घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं।

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह सहायता राशि पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाने के उद्देश्य से दी जा रही है।

गौरतलब है कि गुरुवार देर रात भिवंडी के बालाजी नगर स्थित गंगारामवाड़ी इलाके में चार मंजिला कोहिनूर अपार्टमेंट का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया था। हादसे के समय इमारत में कई परिवार मौजूद थे। इमारत का हिस्सा गिरते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए बाहर की ओर दौड़ पड़े।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस, दमकल विभाग, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और अन्य बचाव एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए पूरी रात राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने बताया कि अब तक नौ लोगों के शव मलबे से निकाले जा चुके हैं, जबकि कई अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।

बचाव दल अत्याधुनिक उपकरणों की सहायता से मलबे में फंसे संभावित लोगों की तलाश में जुटा रहा। प्रशासन को आशंका थी कि मलबे के नीचे कुछ और लोग फंसे हो सकते हैं। इसी कारण अभियान को पूरी सावधानी और तेजी के साथ आगे बढ़ाया गया।

इस हादसे के बाद महाराष्ट्र सरकार भी सक्रिय हो गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि जांच में निर्माण कार्य में लापरवाही, अवैध निर्माण या भवन की देखरेख में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा भी दिलाया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इमारत काफी पुरानी थी और उसकी स्थिति को लेकर पहले भी चिंता जताई गई थी। हालांकि प्रशासन की जांच के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि पुरानी इमारतों का समय-समय पर संरचनात्मक परीक्षण कराया जाना जरूरी है, ताकि इस प्रकार की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

भिवंडी और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पुरानी और घनी आबादी वाली इमारतें मौजूद हैं। ऐसे में इस हादसे ने शहरी क्षेत्रों में भवन सुरक्षा, नियमित निरीक्षण और निर्माण मानकों के पालन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल प्रशासन राहत और बचाव कार्यों के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने में जुटा हुआ है। प्रधानमंत्री द्वारा घोषित आर्थिक सहायता और राज्य सरकार की ओर से जारी राहत उपायों से पीड़ित परिवारों को कुछ हद तक सहारा मिलने की उम्मीद है। वहीं पूरे देश ने इस दुखद हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

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