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पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता जतायी मोदी ने, कहा बातचीत से हो सभी मुद्दों का समाधान

नयी दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर सोमवार को चिंता व्यक्त की और भारत के इस रूख को दोहराया कि सभी मुद्दों का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से किया जाना चाहिए।शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने किर्गिस्तान गये श्री मोदी ने सोमवार को राजधानी बिश्केक में ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेश्कियन के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान यह बात कही।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि एससीओ सम्मेलन से इतर हुई बैठक में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। उन्होंने पश्चिम एशिया संघर्ष में हाल के घटनाक्रमों और बदलती स्थिति में पर अपने-अपने दृष्टिकोण साझा किए। श्री मोदी ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता व्यक्त की और भारत के इस निरंतर रूख को दोहराया कि सभी मुद्दों का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से किया जाना चाहिए।

बैठक के बाद श्री मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि भारत ईरान के साथ व्यापार के दायरे का विस्तार करते हुए इसमें विविधता चाहता है। उन्होंने कहा, “बिश्केक में राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन से मुलाकात की। विभिन्न क्षेत्रों में ईरान के साथ भारत की दीर्घकालिक मित्रता को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। हम आने वाले समय में अपने व्यापार के दायरे का विस्तार और विविधीकरण करना चाहते हैं।

हमने क्षेत्र में वर्तमान स्थिति पर चर्चा की। भारत स्थायी शांति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करता रहेगा।”
प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता को भी दोहराया। नौवहन और वाणिज्य की स्वतंत्रता की रक्षा का आह्वान करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों और नागरिक अवसंरचना, जिसमें वाणिज्यिक जहाजरानी और नाविक शामिल हैं, को किसी भी परिस्थिति में नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए।

ब्रिक्स और एससीओ सहित बहुपक्षीय संगठनों में ईरान के साथ घनिष्ठ सहयोग की भारत की तत्परता को दोहराते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हम ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन का भारत में स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।

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