
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार रात केंद्र सरकार के राज्य मंत्रियों के साथ अहम बैठक की। करीब सात घंटे चली इस बैठक में अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों के कामकाज, योजनाओं की प्रगति और जनता तक सरकारी योजनाओं की पहुंच को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में मंत्रियों की सोशल मीडिया सक्रियता और सरकार के काम को लोगों तक पहुंचाने के तरीके की भी समीक्षा की गई।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में 20 से ज्यादा राज्य मंत्री शामिल हुए। इनमें केंद्र सरकार के सहयोगी दलों से जुड़े मंत्री भी मौजूद रहे। बैठक को मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा और सरकार के एजेंडे को बेहतर तरीके से लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शाम 5 बजे शुरू हुई बैठक, आधी रात तक चली
प्रधानमंत्री मोदी और राज्य मंत्रियों के बीच यह बैठक शाम करीब 5 बजे शुरू हुई और आधी रात तक चली। इस दौरान मंत्रियों ने अपने-अपने मंत्रालयों से जुड़ी उपलब्धियों, योजनाओं की स्थिति और सामने आ रही चुनौतियों की जानकारी प्रधानमंत्री के सामने रखी।

बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि सरकारी योजनाओं का लाभ सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका असर सीधे आम लोगों तक दिखाई दे। मंत्रियों से अपने विभागों की योजनाओं की निगरानी और उनके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भी चर्चा की गई।
खास बात यह रही कि इस बैठक में कैबिनेट सचिव मौजूद नहीं थे।
मंत्रियों की सोशल मीडिया एक्टिविटी पर भी नजर
बैठक में मंत्रियों की सोशल मीडिया गतिविधियों को भी चर्चा का हिस्सा बनाया गया। प्रधानमंत्री ने यह जानने की कोशिश की कि मंत्री अपने मंत्रालयों की उपलब्धियों और सरकार की योजनाओं की जानकारी जनता तक किस तरह पहुंचा रहे हैं।
आज के दौर में सोशल मीडिया सरकार और जनता के बीच संवाद का अहम माध्यम बन चुका है। ऐसे में मंत्रियों की डिजिटल मौजूदगी और उनके विभागीय कामों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने की क्षमता को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
योजनाओं को जमीन तक पहुंचाने पर जोर
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र सरकार की योजनाओं का फायदा सही लाभार्थियों तक पहुंचे। इसके लिए मंत्रियों को अपने-अपने क्षेत्रों में योजनाओं की निगरानी करने और जनता से सीधा संवाद बनाए रखने पर ध्यान देने को कहा गया।
सरकार की कोशिश है कि योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली प्रशासनिक दिक्कतों को समय रहते दूर किया जाए और पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
गठबंधन सहयोगियों के मंत्री भी बैठक में शामिल
केंद्र में गठबंधन सरकार बनने के बाद सहयोगी दलों के मंत्रियों के साथ समन्वय और बेहतर तालमेल भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बैठक में सहयोगी दलों से जुड़े राज्य मंत्रियों की मौजूदगी को इसी संदर्भ में देखा जा रहा है।
बैठक के जरिए सभी मंत्रियों को सरकार की व्यापक प्राथमिकताओं और विकास एजेंडे से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।
आगे भी हो सकती हैं ऐसी बैठकें
बैठक में शामिल नेताओं के अनुसार, इसे ऐसी बैठकों की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी आने वाले समय में राज्य मंत्रियों के साथ इसी तरह की और बैठकें कर सकते हैं।
इस तरह की बैठकों के जरिए मंत्रालयों के कामकाज की प्रगति, योजनाओं के क्रियान्वयन और जनता तक सरकार की उपलब्धियों की जानकारी पहुंचाने की स्थिति की समीक्षा की जा सकती है।
विभागीय उपलब्धियों और चुनौतियों पर चर्चा
बैठक में मंत्रियों से उनके विभागों की उपलब्धियों के साथ-साथ उन चुनौतियों के बारे में भी जानकारी ली गई, जिनका सामना योजनाओं को लागू करने के दौरान किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को अपने विभागों में सक्रिय भूमिका निभाने और सरकार के काम को जनता तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने का संदेश दिया। बैठक में इस बात पर भी जोर रहा कि योजनाओं की निगरानी बेहतर हो और उनका वास्तविक लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे।
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी की यह लंबी बैठक मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा, सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनता से बेहतर संवाद पर केंद्रित रही।



