
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के संगठन में बड़ा बदलाव हुआ है। पार्टी की नई गठित नेशनल काउंसिल की बैठक में अरविंद केजरीवाल को लगातार चौथी बार राष्ट्रीय संयोजक चुना गया। बुधवार को हुई इस बैठक में राष्ट्रीय परिषद के 330 सदस्यों ने हिस्सा लिया। संगठन से जुड़े कई अहम फैसले भी इस दौरान लिए गए।
केजरीवाल के दोबारा राष्ट्रीय संयोजक चुने जाने के साथ पार्टी की शीर्ष संगठनात्मक जिम्मेदारी एक बार फिर उनके हाथों में आ गई है। पार्टी नेताओं ने उनके नेतृत्व में संगठन को आगे बढ़ाने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया।
सर्वसम्मति से चुने गए अरविंद केजरीवाल
AAP की नई राष्ट्रीय परिषद की बैठक में अरविंद केजरीवाल को सर्वसम्मति से राष्ट्रीय संयोजक चुना गया। पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन्हें बधाई दी।

उन्होंने कहा कि केजरीवाल के मार्गदर्शन में पार्टी आगे की राजनीतिक और संगठनात्मक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है।
बैठक में लिए गए प्रमुख फैसले
- अरविंद केजरीवाल फिर राष्ट्रीय संयोजक चुने गए।
- पंकज गुप्ता को राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी दी गई।
- एनडी गुप्ता कोषाध्यक्ष के पद पर बने रहेंगे।
- 23 सदस्यीय नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन किया गया।
- पांच विशेष आमंत्रित सदस्यों का भी चयन किया गया।
पंकज गुप्ता और एनडी गुप्ता को मिली अहम जिम्मेदारी
राष्ट्रीय परिषद की बैठक में संगठन के दूसरे महत्वपूर्ण पदों को लेकर भी फैसला हुआ। पंकज गुप्ता को राष्ट्रीय सचिव चुना गया, जबकि एनडी गुप्ता कोषाध्यक्ष के पद पर बनाए रखा गया है।
इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी ने अपने केंद्रीय संगठन में निरंतरता बनाए रखने के साथ नई कार्यकारिणी को भी सक्रिय करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
23 सदस्यीय नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी
AAP ने बैठक के दौरान अपनी 23 सदस्यीय नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन किया। इसमें पार्टी के कई प्रमुख नेताओं को शामिल किया गया है।
सूची के मुताबिक कार्यकारिणी में शामिल प्रमुख नाम हैं:
- अरविंद केजरीवाल
- आतिशी
- आदिल अहमद खान
- अनुराग ढांडा
- भगवंत मान
- दिलीप पांडेय
- दुर्गेश पाठक
- गोपाल इटालिया
- गोपाल राय
- रानी अग्रवाल
- हरपाल सिंह चीमा
- मनीष सिसोदिया
- मोहम्मद इरशाद
- एनडी गुप्ता
- पंकज गुप्ता
इसके अलावा प्रीति शर्मा मेनन, पृथ्वी रेड्डी, राखी बिड़ला, विभव, संजय सिंह, सत्येंद्र जैन, शैली ओबेरॉय और राजबीर को भी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल किया गया है।
पांच नेताओं को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया
पार्टी ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी के अलावा पांच नेताओं को विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर भी चुना है।
इनमें शामिल हैं:
- अजय दत्त
- चैतर वसावा
- इमरान हुसैन
- मेहराज मलिक
- वेंजी वीगास
इन नेताओं की मौजूदगी से पार्टी के राष्ट्रीय संगठन में अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व भी मजबूत होने की उम्मीद है।
2012 में हुई थी AAP की शुरुआत
आम आदमी पार्टी की स्थापना 26 नवंबर 2012 को अरविंद केजरीवाल और उनके सहयोगियों ने की थी। पार्टी का उभार भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन और मजबूत लोकपाल कानून की मांग से जुड़े राजनीतिक माहौल के बीच हुआ।
इसके बाद 2013 में आम आदमी पार्टी ने पहली बार दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ा। नई दिल्ली विधानसभा सीट से अरविंद केजरीवाल ने तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को हराकर बड़ी राजनीतिक जीत दर्ज की।
इसके बाद AAP ने दिल्ली की राजनीति में अपनी मजबूत जगह बनाई और धीरे-धीरे अन्य राज्यों में भी संगठन का विस्तार किया।
चौथी बार कमान मिलने का क्या मतलब?
अरविंद केजरीवाल को चौथी बार राष्ट्रीय संयोजक चुना जाना पार्टी के संगठन में उनके केंद्रीय नेतृत्व को दर्शाता है। नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन के साथ AAP ने अपने संगठनात्मक ढांचे को भी नए सिरे से व्यवस्थित किया है।
अब पार्टी के सामने अपने संगठन को मजबूत करने, विभिन्न राज्यों में विस्तार करने और आगामी चुनावी चुनौतियों के लिए रणनीति तैयार करने की जिम्मेदारी होगी।



