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दिल्ली में शुरू हुआ CM रेखा गुप्ता का ‘मिशन छठ घाट’, खुद पहुंचीं निरीक्षण करने; अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

दिल्ली में छठ महापर्व की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अभी से मोर्चा संभाल लिया है। छठ पूजा में अब करीब दो महीने का समय बाकी है, लेकिन राजधानी में घाटों की सफाई, सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को मुनक नहर स्थित छठ घाटों का निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने प्रेमबाड़ी पुल के पास मुनक नहर पर चल रहे सफाई, सौंदर्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था और भव्य छठ घाट के निर्माण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और सभी काम तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

छठ पर्व से पहले घाटों को तैयार करने की कवायद

छठ महापर्व दिल्ली में बड़े स्तर पर मनाया जाता है। पूर्वांचल और बिहार से जुड़े लाखों लोग इस पर्व में श्रद्धा के साथ सूर्य देव और छठी मैया की पूजा करते हैं। ऐसे में घाटों की साफ-सफाई और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।

मुख्यमंत्री के निरीक्षण का उद्देश्य भी यही है कि पर्व शुरू होने से पहले घाटों पर जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। प्रशासन की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को पूजा के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

घाटों पर जिन प्रमुख व्यवस्थाओं पर जोर दिया जा रहा है:

  • घाटों की साफ-सफाई
  • आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण
  • पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था
  • भव्य छठ घाट का निर्माण
  • श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुरूप व्यवस्था
  • सभी निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करना

रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों से कहा कि सभी निर्माण और विकास कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने निर्धारित समयसीमा के भीतर काम पूरा करने पर भी जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर निरीक्षण की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि उनका प्रयास है कि छठ महापर्व से पहले मुनक नहर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुरूप तैयार किया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि जिस नहर की पहचान पहले उपेक्षा से जुड़ी हुई थी, उसे अब आस्था, व्यवस्था और विकास के नए स्वरूप में बदलने की दिशा में काम किया जा रहा है।

‘विकास भी, विरासत भी’ पर जोर

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अभियान को दिल्ली सरकार के ‘विकास भी, विरासत भी’ संकल्प से जोड़कर देखा। उनका कहना है कि धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े स्थलों को बेहतर सुविधाओं के साथ विकसित करना भी जरूरी है।

छठ घाटों का विकास केवल निर्माण कार्य तक सीमित नहीं है। इसमें साफ-सफाई, रोशनी, सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधा जैसी व्यवस्थाएं भी शामिल हैं।

इससे पर्व के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर माहौल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा भी रहे मौजूद

मुख्यमंत्री के घाट निरीक्षण के दौरान कैबिनेट सहयोगी कपिल मिश्रा और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को चल रहे कार्यों की जानकारी दी।

सरकार की कोशिश है कि छठ पूजा से पहले घाटों से जुड़े सभी जरूरी कार्य पूरे कर लिए जाएं, ताकि व्रतियों और श्रद्धालुओं को पूजा के दौरान साफ-सुथरा और व्यवस्थित वातावरण मिल सके।

दो महीने पहले से क्यों शुरू हुई तैयारी?

छठ महापर्व के दौरान घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में अंतिम समय में निर्माण और सफाई कार्य करने के बजाय पहले से तैयारी शुरू करने से व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करना इस बात का संकेत है कि सरकार इस बार छठ घाटों की तैयारियों को लेकर पहले से सक्रिय है।

इस तैयारी से श्रद्धालुओं को मिल सकती हैं ये सुविधाएं:

  • साफ और व्यवस्थित पूजा स्थल
  • बेहतर प्रकाश व्यवस्था
  • विकसित और सुंदर घाट
  • सुरक्षित वातावरण
  • समय पर पूरी की गई आधारभूत व्यवस्थाएं

दिल्ली में छठ महापर्व को लेकर तैयारियां अभी से तेज होने लगी हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के घाट निरीक्षण के बाद संबंधित विभागों पर काम समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा करने की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।

सरकार का लक्ष्य है कि पर्व के समय श्रद्धालुओं को किसी तरह की अव्यवस्था का सामना न करना पड़े। मुनक नहर के प्रेमबाड़ी पुल क्षेत्र में चल रहे काम पूरे होने के बाद यहां छठ पूजा के लिए बेहतर और व्यवस्थित वातावरण तैयार होने की उम्मीद है।

इस तरह मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का ‘मिशन छठ घाट’ छठ महापर्व से काफी पहले शुरू हो गया है। अब देखना होगा कि निर्धारित समयसीमा में घाटों के विकास, सफाई और सौंदर्यीकरण के सभी कार्य कितनी तेजी और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाते हैं।

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