Featureराष्ट्रीय

दिल्ली सरकार करेगी CAG ऑडिट: बिजली कंपनियों के 38 हजार करोड़ के कथित घाटे की जांच

दिल्ली सरकार राजधानी की बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के 38 हजार करोड़ रुपये के कथित घाटे की जांच के लिए CAG ऑडिट करवा रही है।

ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि सरकार किसी भी हालत में बिजली का बोझ जनता पर नहीं डालेगी। यदि ऑडिट में अनियमितता सामने आती है, तो कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


मास्टर प्लान: निर्बाध बिजली आपूर्ति

दिल्ली सरकार ने 17 हजार करोड़ रुपये की बड़ी योजना तैयार की है, ताकि वर्ष 2030 तक राजधानी में बिजली की मांग बढ़ने पर भी कोई परेशानी न हो।

मुख्य बातें:

  • 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
  • नया बिजली कनेक्शन तेजी से दिया जाएगा।
  • HVDS ट्रांसफॉर्मर की जगह LVDS ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे।
  • गलियों और कॉलोनियों में बिजली की तारों को धीरे-धीरे भूमिगत किया जाएगा।
  • रूफटॉप सोलर पैनल लगाकर स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाएगा।

पिछले दशकों की कमी पर निशाना

आशीष सूद ने कहा कि पिछली सरकार ने बिजली ढांचे को मजबूत करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए।

  • 50% ट्रांसफॉर्मर अब 25 साल से अधिक पुराने हो चुके हैं।
  • कई परियोजनाओं को अधूरा छोड़ दिया गया।
  • समय रहते नए ट्रांसफॉर्मर नहीं खरीदे गए, जिससे बिजली आपूर्ति चुनौतीपूर्ण बनी।

जनता को भरोसा

ऊर्जा मंत्री ने दिल्लीवासियों को भरोसा दिलाया कि:

  • बिजली के बिल में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।
  • सभी कानूनी विकल्प इस्तेमाल कर डिस्कॉम के घाटे का बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाएगा।
  • बिजली नेटवर्क और सब-स्टेशन को मजबूत करके भविष्य की बढ़ती मांग को पूरा किया जाएगा।

Related Articles

Back to top button