छत्तीसगढ़

सुशासन तिहार में सिरकोतंगा के पारस को मिली राहत, फौती नामांतरण का कार्य हुआ आसान

गांव में ही मिला दस्तावेज, दफ्तरों के चक्कर से मिली मुक्ति

रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित सुशासन तिहार 2026 ग्रामीण क्षेत्रों में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन रहा है। शासन की मंशा के अनुरूप राजस्व एवं अन्य शासकीय सेवाएं अब गांव स्तर पर ही उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत मिल रही है।

इसी क्रम में सरगुजा जिले के ग्राम सिरकोतंगा निवासी श्री पारस का फौती नामांतरण प्रकरण सुगमता और समयबद्ध तरीके से निराकृत किया गया।

गांव में ही मिली राजस्व सेवा

श्री पारस ने बताया कि उनके पिता के निधन के बाद संपत्ति के फौती नामांतरण की आवश्यकता थी। इसके लिए उन्होंने आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन प्राप्त होने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण की और गांव में ही हल्का पटवारी के माध्यम से उन्हें फौती नामांतरण से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध करा दिया गया।

उन्होंने बताया कि पहले ऐसे कार्यों के लिए कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन सुशासन तिहार के माध्यम से उनका कार्य आसानी और पारदर्शिता के साथ पूरा हो गया।

श्री पारस ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के कारण अब ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए भटकना नहीं पड़ रहा है। गांव में ही प्रशासनिक सेवाएं मिलने से समय और धन दोनों की बचत हो रही है।

ग्रामीणों तक पहुंच रहा सुशासन

सुशासन तिहार के अंतर्गत गांव-गांव आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, खाद्य, स्वास्थ्य एवं अन्य विभागों की सेवाएं सीधे आम जनता तक पहुंचाई जा रही हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हो रहा है।

श्री पारस जैसे अनेक हितग्राहियों के लिए सुशासन तिहार त्वरित समाधान, पारदर्शी व्यवस्था और जनहितकारी प्रशासन का प्रतीक बनकर उभर रहा है।

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