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PM मोदी के योग कार्यक्रम पर बंगाल में सियासी घमासान! रेड रोड पर योग की अनुमति, नमाज पर रोक को लेकर उठे सवाल

21 जून को मनाए जाने वाले ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ (IDY 2026) को लेकर देश और दुनिया में तैयारियां अंतिम चरण में हैं. पश्चिम बंगाल में नयी सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार बंगाल आ रहे हैं. अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के इस मौके पर पीएम मोदी कोलकाता में हजारों लोगों के साथ योग करेंगे. कोलकाता के रेड रोड पर होने वाले इस कार्यक्रम के लिए पूरी तैयारी की जा रही है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगले हफ्ते पश्चिम बंगाल के दो दिन के दौरे पर वे पश्चिम बंगाल दिवस और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के जश्न में शामिल होंगे. पश्चिम बंगाल दिवस में पीएम मोदी मुख्य अतिथि होंगे.

पीएम मोदी के साथ 21 जून को कोलकाता में करीब 30 हजार लोगों के योग करने की तैयारी है. अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के इस मौके प्रशासन ने रेड रोड समेत शहर की सात प्रमुख सड़कों को आधी रात से लेकर कार्यक्रम समाप्त होने तक बंद रखने का फैसला किया है.

इन सब बातों को लेकर पश्चिम बंगाल में एक नया मुद्दा छिड़ गया है कि सड़क पर नमाज नहीं तो फिर योग दिवस कैसे? सड़क पर नमाज और सार्वजनिक आयोजनों को लेकर चल रही राजनीति के बीच, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में होने वाले योग दिवस कार्यक्रम को लेकर विवाद छिड़ गया है.

मुस्लिम समुदाय के कुछ प्रतिनिधियों और धार्मिक नेताओं का कहना है कि ईद की नमाज को रेड रोड पर यह कहकर रोक दिया गया कि सड़क बंद होने से आम लोगों को परेशानी होती है और यातायात प्रभावित होता है.

जलपाईगुड़ी मस्जिद के इमाम हाफिज मोहम्मद नईमुद्दीन गाजी ने कहा कि वह भारतीय नागरिक हैं और संविधान का अनुच्छेद 15 सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है. जब सड़क पर नमाज नहीं तो फिर योग दिवस के लिए रेड रोड पर कार्यक्रम की अनुमति क्यों दी गई? कानून और नियम सभी धर्मों के लिए समान होने चाहिए.

कार्यक्रम के लिए कोलकाता पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। रेड रोड को बंद कर दिया गया है और कई मुख्य मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है.

वही, BJP नेता और पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि प्रधानमंत्री का कार्यक्रम राष्ट्रीय महत्व का आयोजन है. सिक्योरिटी को लेकर समझौता नहीं किया जा सकता है. प्रधानमंत्री का कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर सभी के लिए होता है ना कि किसी खास समुदाय के लिए.

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