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CM Mohan Yadav की ‘एक्शन क्लास’ जुलाई में: कलेक्टर-SP की परफॉर्मेंस पर होगी सख्त समीक्षा

मध्य प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही और तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने बड़ा कदम उठाया है। जुलाई महीने में वे राज्य के सभी कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों की एक उच्च स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए समीक्षा बैठक लेने जा रहे हैं। इस बैठक को प्रशासनिक हलकों में ‘एक्शन क्लास’ के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से इसके आधिकारिक निर्देश जारी कर दिए गए हैं, जिससे साफ है कि सरकार इस बार जिलों की कार्यप्रणाली को लेकर बेहद गंभीर रुख अपनाने जा रही है।

क्या है ‘एक्शन क्लास’ कॉन्फ्रेंस?

यह कोई सामान्य बैठक नहीं होगी, बल्कि इसमें जिलों के प्रशासनिक और पुलिस प्रमुखों के कामकाज की गहन समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री खुद हर जिले की प्रगति रिपोर्ट देखेंगे और फील्ड स्तर पर काम की वास्तविक स्थिति का आकलन करेंगे।

किन मुद्दों पर रहेगा फोकस?

इस बैठक में कई अहम बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की जाएगी:

प्रमुख एजेंडा:

  • विकास कार्यों की जमीनी स्थिति और प्रगति
  • लंबित परियोजनाओं की समीक्षा
  • जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन
  • कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की स्थिति
  • प्रशासनिक जवाबदेही और फील्ड परफॉर्मेंस

कलेक्टर्स और SP से मांगा गया पूरा रिपोर्ट कार्ड

मुख्य सचिव कार्यालय ने सभी जिलों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसमें हर विभाग की कार्यप्रणाली और योजनाओं के क्रियान्वयन का पूरा विवरण शामिल होगा।

रिपोर्ट में शामिल मुख्य बिंदु:

  • चल रहे विकास कार्यों की स्थिति
  • स्वीकृत योजनाओं की प्रगति
  • कानून व्यवस्था से जुड़े आंकड़े
  • जिला स्तर पर प्रशासनिक प्रदर्शन

संभागवार प्रेजेंटेशन भी होगा

बैठक से पहले प्रत्येक संभाग की अलग-अलग प्रस्तुति (डिवीजन प्रेजेंटेशन) तैयार की जाएगी। इसमें जिलों की उपलब्धियों और कमियों को विस्तार से रखा जाएगा।

कानून व्यवस्था पर सख्त रुख के संकेत

सूत्रों के अनुसार इस बैठक में कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री सख्त रुख अपना सकते हैं। अपराध नियंत्रण, पुलिसिंग की गुणवत्ता और जनता से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

मंत्रालय स्तर पर पहले से चल रही तैयारी

मुख्य सचिव कार्यालय ने सभी विभागों को सक्रिय कर दिया है और जिलों से विस्तृत डाटा एकत्र किया जा रहा है। बैठक से पहले एक प्रारंभिक समीक्षा भी की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की खामियों को पहले ही सुधारा जा सके।

प्रशासनिक जवाबदेही की नई दिशा

यह बैठक प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की समीक्षा से जिलों में कामकाज की गति तेज होगी और योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचेगा।

आने वाले समय में यह बैठक प्रदेश की प्रशासनिक कार्यशैली में बड़ा बदलाव ला सकती है।

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