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‘संविधान हत्या दिवस’ को रावण दहन जैसा याद किया जाए: ब्लैक इमरजेंसी डे पर CM रेखा गुप्ता का बड़ा बयान

दिल्ली में ‘ब्लैक इमरजेंसी डे’ के अवसर पर आयोजित एक सेमिनार में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आपातकाल (Emergency) को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस दिन को हर वर्ष स्मरण किया जाना चाहिए ताकि देश की जनता को उस दौर की घटनाओं की याद बनी रहे और लोकतंत्र की अहमियत समझी जा सके।

आपातकाल को लेकर CM रेखा गुप्ता का बयान

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि जिस तरह दशहरे पर रावण दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है, उसी तरह आपातकाल के दौर को भी हर साल याद किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि—

  • आपातकाल का स्मरण एक चेतावनी की तरह होना चाहिए
  • लोकतंत्र को कमजोर करने वाली घटनाओं से सबक लेना जरूरी है
  • नई पीढ़ी को इतिहास की यह घटना समझनी चाहिए

‘संविधान हत्या दिवस’ पर जोर

सीएम ने कहा कि ‘संविधान हत्या दिवस’ को मनाने का उद्देश्य यह है कि आने वाली पीढ़ियां यह जान सकें कि देश ने किस कठिन दौर का सामना किया था।

उन्होंने कहा कि यह परंपरा—

  • लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करेगी
  • भविष्य में ऐसी स्थितियों को रोकने में मदद करेगी
  • जनता को जागरूक बनाए रखेगी

विपक्ष पर निशाना

अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने विपक्ष, विशेष रूप से कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र किसी की व्यक्तिगत संपत्ति नहीं है और इसे गलत तरीके से प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि—

  • लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप निराधार है
  • संविधान का सम्मान सभी को करना चाहिए
  • जनता ही लोकतंत्र की असली शक्ति है

लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान

इस कार्यक्रम के दौरान दिल्ली भाजपा ने 115 लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया, जिन्हें आपातकाल के दौरान जेल में रखा गया था।

कार्यक्रम में बताया गया कि आपातकाल का दौर भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जिसे याद रखना आवश्यक है।

अन्य नेताओं की प्रतिक्रियाएं

कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने भी आपातकाल के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार की आलोचना की और इसे लोकतंत्र पर हमला बताया।

पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि उस दौर की घटनाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि इतिहास से सबक लिया जा सके।

वहीं, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि संविधान, न्यायपालिका और प्रेस जैसे लोकतंत्र के स्तंभ ही देश की मजबूती का आधार हैं।

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