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छत्तीसगढ़ में सहकारी सप्ताह की धूम: 29 जून से 6 जुलाई तक बड़े आयोजन, 2573 पैक्स होंगे शामिल

छत्तीसगढ़ में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के उद्देश्य से 29 जून से 6 जुलाई तक पूरे प्रदेश में ‘सहकारी सप्ताह’ का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में मनाया जा रहा है।

इस दौरान छत्तीसगढ़ में सहकारी समितियों की उपलब्धियों, योजनाओं और योगदान को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा।

2573 पैक्स समितियां होंगी शामिल

प्रदेश में इस आयोजन को बड़े पैमाने पर किया जा रहा है, जिसमें कुल 2573 पैक्स (प्राथमिक कृषि साख समितियां) शामिल होंगी। इसके अलावा दुग्ध, मत्स्य, बुनकर और अन्य सहकारी समितियां भी सक्रिय भागीदारी निभाएंगी।

प्रमुख गतिविधियां:

  • सहकारी ध्वजारोहण कार्यक्रम
  • सदस्यता अभियान का विस्तार
  • किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और रूपे KCC वितरण
  • सहकार दौड़ और जनजागरूकता कार्यक्रम
  • वृक्षारोपण और मृदा परीक्षण अभियान
  • कृषक संगोष्ठी और परिचर्चा

गोदाम निर्माण का भूमिपूजन होगा

सहकारी सप्ताह के दौरान 6 जुलाई को एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के तहत 9 पैक्स गोदामों का भूमिपूजन किया जाएगा।

इससे ग्रामीण स्तर पर अनाज भंडारण क्षमता बढ़ेगी और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन रायपुर में

3 और 4 जुलाई को Raipur स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन और संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में सहकारिता के क्षेत्र में हो रहे नए प्रयोगों और उपलब्धियों पर चर्चा होगी।

मंत्री केदार कश्यप ने दिए निर्देश

सहकारिता मंत्री Kedar Kashyap की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि सभी समितियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए और कार्यक्रम को जन-जन तक पहुंचाया जाए।

बैठक के मुख्य निर्देश:

  • सभी पैक्स समितियों की सहभागिता सुनिश्चित करना
  • जनजागरूकता कार्यक्रमों को प्रभावी बनाना
  • योजनाओं का लाभ अधिकतम किसानों तक पहुंचाना
  • डिजिटल और वित्तीय सेवाओं का विस्तार

सहकारिता से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि सहकारी समितियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इन आयोजनों से न केवल किसानों को नई योजनाओं की जानकारी मिलेगी, बल्कि उनकी आय बढ़ाने के नए अवसर भी तैयार होंगे।

व्यापक भागीदारी की तैयारी

कार्यक्रम में इफको, कृभको, नेफेड, एनसीसीएफ, जनऔषधि केंद्र और विभिन्न सहकारी संस्थानों की भी भागीदारी सुनिश्चित की गई है। इससे यह आयोजन एक बड़े सहकारी महोत्सव का रूप लेगा।

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