
नई दिल्ली। केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को शहरी सहकारी बैंकों (UCBs) को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ अपने पुराने नजरिए में बदलाव लाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नियामक संस्था और सहकारी बैंकों के बीच आपसी विश्वास तथा सहयोग का माहौल बनना जरूरी है। इससे न केवल शहरी सहकारी बैंकिंग क्षेत्र मजबूत होगा, बल्कि छोटे कारोबारियों और आम ग्राहकों को भी बेहतर बैंकिंग सुविधाएं मिल सकेंगी।
मुंबई स्थित बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) परिसर में नेशनल अर्बन कोऑपरेटिव फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NUCFDC) के नए कार्यालय भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में अमित शाह ने देशभर के शहरी सहकारी बैंक क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों को संबोधित किया।
RBI और UCBs के बीच भरोसे पर जोर
अमित शाह ने कहा कि शहरी सहकारी बैंकों और RBI के बीच लंबे समय से बनी कुछ धारणाओं से दोनों पक्षों को बाहर निकलना होगा। दोनों को एक-दूसरे को केवल नियामक और बैंक के रूप में देखने के बजाय सहयोगी दृष्टिकोण से काम करना चाहिए।

उन्होंने अपने अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि जब सहकारी क्षेत्र ने भरोसे के साथ आगे बढ़कर पहल की, तब RBI की ओर से भी सक्रिय सहयोग मिला।
अमित शाह के संदेश के प्रमुख बिंदु:
- RBI और UCBs के बीच आपसी भरोसा बढ़ाने की जरूरत।
- पुरानी धारणाओं से बाहर निकलकर सहयोगात्मक रवैया अपनाने की सलाह।
- बदलती वित्तीय व्यवस्था के अनुसार बैंकिंग प्रणाली में बदलाव पर जोर।
- तकनीक और डिजिटल बैंकिंग को तेजी से अपनाने की जरूरत।
- छोटे कर्जदारों और कारोबारियों तक बेहतर वित्तीय सेवाएं पहुंचाने पर जोर।
छोटे कारोबारियों के लिए अहम हैं शहरी सहकारी बैंक
अमित शाह ने शहरी सहकारी बैंकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ये बैंक स्थानीय स्तर पर छोटे उधारकर्ताओं और कारोबारियों की वित्तीय जरूरतें पूरी करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
इन बैंकों से छोटे व्यापारी, कारोबारी, नौकरीपेशा लोग और अन्य ग्राहक जुड़े होते हैं। ऐसे में इन संस्थानों की वित्तीय मजबूती और ग्राहकों का भरोसा बनाए रखना बेहद जरूरी है।
उन्होंने संकेत दिया कि सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को केवल पारंपरिक तरीके से काम करने के बजाय बदलती तकनीक और ग्राहकों की नई जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार करना होगा।
1,400 से ज्यादा UCBs के प्रतिनिधियों से संवाद
कार्यक्रम में देशभर के 1,400 से अधिक शहरी सहकारी बैंकों से जुड़े अधिकारी और हितधारक मौजूद रहे। इस दौरान बैंकिंग क्षेत्र की मौजूदा चुनौतियों, तकनीकी बदलाव और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते विस्तार के बीच UCBs के लिए तकनीकी रूप से मजबूत होना बड़ी आवश्यकता बन गया है। ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, साइबर सुरक्षा और आधुनिक जोखिम प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर भी ध्यान देना होगा।
NUCFDC की भूमिका भी अहम
कार्यक्रम में NUCFDC के नए कार्यालय भवन का उद्घाटन किया गया। शहरी सहकारी बैंकों को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाने में इस संस्था की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
एक साझा वित्तीय और संस्थागत मंच के तौर पर NUCFDC छोटे सहकारी बैंकों की क्षमता बढ़ाने में मदद कर सकता है। इससे तकनीकी व्यवस्था, जोखिम प्रबंधन और वित्तीय अनुशासन को बेहतर बनाने की दिशा में भी काम किया जा सकता है।
सहकारी क्षेत्र में तकनीक और पारदर्शिता पर जोर
केंद्र सरकार पिछले कुछ वर्षों से सहकारी क्षेत्र को आधुनिक बनाने पर जोर दे रही है। सहकारी संस्थाओं में तकनीक, पारदर्शिता और पेशेवर प्रबंधन को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।
अमित शाह ने भी UCBs से बदलती अर्थव्यवस्था के अनुरूप अपनी कार्यप्रणाली विकसित करने का आह्वान किया। उनका संदेश साफ था कि सहकारी बैंकों को भविष्य की बैंकिंग जरूरतों के लिए अभी से तैयार होना होगा।
छोटे ग्राहकों को मिल सकता है सीधा फायदा
RBI और शहरी सहकारी बैंकों के बीच बेहतर तालमेल का सबसे बड़ा फायदा आम ग्राहकों को मिल सकता है। स्थानीय स्तर पर काम करने वाले UCBs छोटे कारोबारियों और ग्राहकों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अगर नियमन, तकनीक और बैंकिंग सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय बनता है तो ग्राहकों को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक सेवाएं मिल सकती हैं।
अमित शाह के संदेश का सार
अमित शाह के संबोधन का मुख्य फोकस भरोसा, सहयोग, तकनीक और आधुनिक बैंकिंग व्यवस्था पर रहा। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि शहरी सहकारी बैंकों और RBI के बीच बेहतर संबंध पूरे सहकारी बैंकिंग क्षेत्र की मजबूती के लिए जरूरी हैं।
आने वाले समय में UCBs के लिए सबसे बड़ी चुनौती बदलती तकनीक, मजबूत वित्तीय अनुशासन और ग्राहकों के भरोसे के बीच संतुलन बनाने की होगी। सरकार की ओर से सहकारी क्षेत्र को आधुनिक बनाने की कोशिशों के बीच अमित शाह का यह संदेश शहरी सहकारी बैंकों के लिए अहम माना जा रहा है।


