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बलिदान दिवस पर मोदी ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि, विकसित भारत के संकल्प को दोहराया

नयी दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने मुखर्जी को एक विशिष्ट राष्ट्रभक्त, विद्वान और राजनेता बताते हुए कहा कि राष्ट्र के विकास के लिए उनका आजीवन समर्पण आज भी भारत की पीढ़ियों को प्रेरित करता है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर डॉ. मुखर्जी के सार्वजनिक जीवन में योगदान को याद करते हुए देश के हितों के प्रति उनके समर्पण पर बल दिया। श्री मोदी ने लिखा, “बलिदान दिवस पर मैं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि देता हूं, जो एक महान देशभक्त, विद्वान और राजनेता थे जिन्होंने अपना जीवन भारत के विकास के लिए समर्पित कर दिया।”

प्रधानमंत्री ने डॉ. मुखर्जी के साहस और दृढ़ विश्वास की सराहना करते हुए कहा कि उनकी विरासत समकालीन भारत में भी प्रासंगिक है। श्री मोदी ने कहा, “उनका अटूट विश्वास,सार्वजनिक जीवन में हिम्मत और देश के हित के लिए समर्पण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा। डॉ. मुखर्जी का बलिदान हमारी यादों में रहेगा।”

राष्ट्र निर्माण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की विकास यात्रा आगे भी डॉ मुखर्जी द्वारा प्रतिपादित आदर्शों से प्रेरित और निर्देशित होती रहेगी। श्री मोदी ने कहा, “हम एक सशक्त और विकसित भारत के निर्माण के अपने संकल्प को दोहराते हैं, जो उन मूल्यों से प्रेरित है जिन्हें उन्होंने जीवन की अंतिम सांस तक संजोया और उनकी सेवा की।”

उल्लेखनीय है कि भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. मुखर्जी को देश की एकता की वकालत करने और अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को दिए गए विशेष दर्जा का विरोध करने के लिए याद किया जाता है। जम्मू-कश्मीर में हिरासत में रहते हुए 23 जून, 1953 को उनकी मृत्यु हो गई। उनकी निधन पर आज के दिन प्रतिविर्ष भारतीय जनता पार्टी और उससे जुड़े संगठन हर साल बलिदान दिवस के तौर पर मनाते हैं।

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