
रायपुर। छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के प्रभाव से मौसम का मिजाज बदलने वाला है। प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए गुरुवार को आठ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, अगले 24 घंटे के बाद न्यूनतम तापमान में गिरावट आने के संकेत हैं। इससे प्रदेश में ठंड का असर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
मौसम में होने वाले इस बदलाव को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खासकर दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों में मौसम का प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है।
इन 8 जिलों में जारी हुआ येलो अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के आठ जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है। इन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
अलर्ट वाले जिलों की सूची:
- धमतरी
- गरियाबंद
- बस्तर
- कोंडागांव
- नारायणपुर
- बीजापुर
- दंतेवाड़ा
- सुकमा
इन इलाकों में मौसम अचानक बदल सकता है। कुछ स्थानों पर तेज गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। विशेष रूप से दक्षिणी छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है।
अगले 24 घंटे बाद बढ़ेगी ठंड
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले 24 घंटे के बाद प्रदेश के न्यूनतम तापमान में गिरावट आने के संकेत हैं। तापमान कम होने से सुबह और रात के समय ठंड का एहसास बढ़ सकता है।
इस मौसम परिवर्तन का असर खासतौर पर ग्रामीण और खुले इलाकों में अधिक महसूस हो सकता है। नवंबर के महीने में तापमान में गिरावट के साथ प्रदेश में सर्दी का दौर धीरे-धीरे तेज होने की संभावना है।
किसानों और आम लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत
गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बारिश के दौरान खुले मैदान, खेत और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।
मौसम खराब होने पर इन बातों का ध्यान रखें:
- बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान में न रहें।
- बारिश और गरज-चमक के समय पेड़ों के नीचे शरण न लें।
- खेतों में काम कर रहे किसान मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
- बिजली के खंभों और तारों से दूरी बनाए रखें।
- मौसम विभाग की चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
- आकाशीय बिजली के दौरान खुले जलस्रोतों से दूर रहें।
दक्षिण छत्तीसगढ़ में मौसम पर रहेगी नजर
बस्तर संभाग के जिलों में बारिश और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम में अचानक बदलाव के कारण जनजीवन और दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।
विशेषकर किसानों, मजदूरों और जंगल या खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को मौसम की जानकारी लेकर ही बाहर निकलना चाहिए।
छत्तीसगढ़ में अब धीरे-धीरे बढ़ेगी सर्दी
प्रदेश में बारिश की गतिविधियों के बाद न्यूनतम तापमान में गिरावट होने से ठंड का असर बढ़ने की उम्मीद है। सुबह और रात के समय ठंडी हवाओं के कारण लोगों को गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस हो सकती है।
कुल मिलाकर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के आठ जिलों में मौसम ने करवट लेने के संकेत दिए हैं। एक तरफ बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है, वहीं दूसरी तरफ अगले 24 घंटे के बाद तापमान गिरने से सर्दी बढ़ने की संभावना है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने और जरूरी सावधानियां बरतने की आवश्यकता है।



