
नई दिल्ली। दिल्ली में सरकारी कामकाज के लिए अलग-अलग विभागों के कार्यालयों के चक्कर लगाने वाले लोगों को आने वाले समय में बड़ी राहत मिल सकती है। दिल्ली सरकार ने नागरिक सेवाओं को लोगों के करीब लाने के लिए हर जिले में मिनी सचिवालय विकसित करने की योजना तैयार की है।
इस व्यवस्था के तहत अलग-अलग विभागों के जिला कार्यालयों को एक ही परिसर में लाने की तैयारी है। इससे श्रमिक कार्ड, बुजुर्ग पेंशन, जमीन की रजिस्ट्री और अन्य सरकारी सेवाओं के लिए लोगों को अलग-अलग दफ्तरों में जाने की जरूरत कम होगी।
द्वारका में बनेगा पहला मिनी सचिवालय
दिल्ली सरकार की योजना के तहत पहला मिनी सचिवालय द्वारका सेक्टर-10 में बनाया जाएगा। इसके लिए कंसलटेंट की नियुक्ति की जा चुकी है और परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी है।

पहले इस परियोजना को पूरा करने के लिए 25 महीने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। अब इसे घटाकर 18 महीने कर दिया गया है।
परियोजना के लिए दिल्ली सरकार की ओर से 212 करोड़ रुपये की मंजूरी पहले ही दी जा चुकी है।
13 जिलों में एक जगह मिलेंगी कई सेवाएं
दिल्ली में प्रशासनिक व्यवस्था को सरल बनाने के लिए 13 जिलों का ढांचा तैयार किया गया है। इसी व्यवस्था के तहत प्रत्येक जिले में अलग-अलग विभागों के जिला कार्यालयों को एक ही परिसर में लाने की योजना है।
मिनी सचिवालय में पुलिस को छोड़कर कई सरकारी विभागों के जिला स्तरीय कार्यालय एक जगह संचालित किए जाने की योजना है।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हो सकते हैं:
- एमसीडी जोन कार्यालय
- समाज कल्याण विभाग
- लोक निर्माण विभाग (PWD)
- श्रम विभाग
- दिल्ली जल बोर्ड
- परिवहन विभाग/आरटीओ
- अन्य जिला स्तरीय सरकारी कार्यालय
इस व्यवस्था का उद्देश्य नागरिकों को सरकारी सेवाओं के लिए अलग-अलग स्थानों पर जाने से राहत देना है।
35,535 वर्ग मीटर में विकसित होगा पहला केंद्र
द्वारका सेक्टर-10 में प्रस्तावित मिनी सचिवालय को करीब 35,535 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित करने की योजना है। परियोजना का डिजाइन अंतिम चरण में बताया जा रहा है।
सरकार की योजना में भवन को नागरिकों की सुविधा के हिसाब से विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
मिनी सचिवालय में संभावित रूप से ये सुविधाएं उपलब्ध होंगी:
- वेटिंग रूम
- हेल्पडेस्क
- डिजिटल सुविधा केंद्र
- शिकायत दर्ज करने के लिए कियोस्क
- सिंगल विंडो सिस्टम
- अलग-अलग विभागों से जुड़ी नागरिक सेवाएं
सिंगल विंडो सिस्टम से कम होगी परेशानी
मिनी सचिवालय की सबसे अहम सुविधाओं में सिंगल विंडो सिस्टम शामिल है। इसके जरिए लोगों को एक ही स्थान पर आवेदन जमा करने और संबंधित विभाग तक पहुंचाने की सुविधा देने की योजना है।
अगर यह व्यवस्था प्रभावी तरीके से लागू होती है तो नागरिकों को एक ही काम के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों में जाने की जरूरत कम हो सकती है।
खासकर पेंशन, श्रमिक सेवाओं, संपत्ति और स्थानीय प्रशासन से जुड़े कामों के लिए लोगों को इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य
द्वारका में बनने वाले पहले मिनी सचिवालय की समयसीमा घटाकर 18 महीने किए जाने के बाद परियोजना को जल्द पूरा करने पर जोर है। कंसलटेंट की नियुक्ति के बाद अब डिजाइन और निर्माण से जुड़ी तैयारियों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
सरकार की व्यापक योजना सफल होने पर दिल्ली के 13 जिलों में इसी तरह के मिनी सचिवालय विकसित किए जा सकते हैं।
लोगों को क्या होगा फायदा?
इस योजना का सबसे बड़ा फायदा आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं तक पहुंच में हो सकता है। अभी अलग-अलग विभागों के कार्यालय अलग-अलग स्थानों पर होने के कारण लोगों को


