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“कांग्रेस से गठबंधन नहीं होना चाहिए था”: मुलायम का जिक्र कर योगी ने अखिलेश पर साधा निशाना

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित “लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह” में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने आपातकाल की 51वीं बरसी पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने 25 जून 1975 को भारतीय लोकतंत्र का “काला अध्याय” बताते हुए कहा कि उस समय सत्ता बचाने के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों को कमजोर किया गया था।

कांग्रेस पर लगाया लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने का आरोप

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकाल के दौरान नागरिकों के मौलिक अधिकार सीमित कर दिए गए थे और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाया गया था। उनके अनुसार, उस समय की परिस्थितियां भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और विवादित दौर के रूप में दर्ज हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करना हर राजनीतिक दल और नागरिक की जिम्मेदारी है।

मुलायम सिंह के बयान का किया जिक्र

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के राजनीतिक संबंधों को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री Mulayam Singh Yadav अक्सर कहा करते थे कि अन्य राजनीतिक विकल्प संभव हैं, लेकिन कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि वर्तमान नेतृत्व उस राजनीतिक सोच से अलग रास्ता क्यों अपना रहा है। उन्होंने इसे समाजवादी राजनीति की पुरानी विचारधारा से अलग कदम बताया।

अखिलेश यादव पर अप्रत्यक्ष हमला

मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए समाजवादी पार्टी के वर्तमान नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ नेता आज उसी कांग्रेस के साथ खड़े दिखाई देते हैं, जिसकी नीतियों की पहले आलोचना की जाती थी। उनका इशारा Akhilesh Yadav और विपक्षी गठबंधन की राजनीति की ओर माना जा रहा है।

आपातकाल और संविधान हत्या दिवस का जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 जून को “संविधान हत्या दिवस” के रूप में मनाने का उद्देश्य नई पीढ़ी को लोकतंत्र के इतिहास से अवगत कराना है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संस्थाओं की स्वायत्तता का सम्मान जरूरी है।

भारत को बताया लोकतंत्र की जननी

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा ही नहीं बल्कि सबसे पुराना लोकतांत्रिक समाज भी है। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपराओं में गांव स्तर तक लोकतांत्रिक व्यवस्थाएं लंबे समय से मौजूद रही हैं।

सरकारी योजनाओं का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का भी उल्लेख किया और कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि:

  • गरीबों को आवास उपलब्ध कराया गया।
  • मुफ्त राशन योजना का लाभ करोड़ों लोगों तक पहुंचा।
  • स्वास्थ्य सेवाओं और बीमा योजनाओं का विस्तार किया गया।
  • कोविड काल में मुफ्त टीकाकरण और उपचार की व्यवस्था की गई।

कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान आपातकाल के समय लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

प्रमुख बिंदु

  • मुख्यमंत्री ने आपातकाल को लोकतंत्र का काला अध्याय बताया।
  • कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया।
  • मुलायम सिंह यादव के पुराने बयान का जिक्र किया।
  • सपा और कांग्रेस की वर्तमान राजनीति पर सवाल उठाए।
  • लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया गया।
  • सरकारी योजनाओं को लोकतंत्र की मजबूती से जोड़ा गया।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह के बयान राजनीतिक बहस को और तेज कर सकते हैं।

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