
नई दिल्ली। सावन के पावन महीने में जारी कांवड़ यात्रा के बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का एक अलग और भावपूर्ण अंदाज देखने को मिला। मुख्यमंत्री दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा के पास कांवड़ सेवा शिविर पहुंचीं और वहां मौजूद शिवभक्त कांवड़ियों का स्वागत किया। उन्होंने कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की, उनके चरण स्पर्श किए और यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने केवल व्यवस्थाओं का निरीक्षण ही नहीं किया, बल्कि शिविर में चल रहे सेवा कार्यों में भी हिस्सा लिया। वह रसोई में पहुंचीं और कांवड़ियों के लिए तैयार की जा रही रोटियों पर खुद घी लगाया। मुख्यमंत्री के इस अंदाज ने शिविर में मौजूद श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा।
कांवड़ियों के चरण छुए, किया सम्मान
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शिविर में पहुंचकर कांवड़ियों का सम्मान किया। उन्होंने श्रद्धालुओं पर फूल बरसाए और उनके चरण स्पर्श कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की।

इस दौरान उन्होंने कहा कि सावन में दिल्ली का वातावरण शिवमय है और कांवड़ यात्रा आस्था, श्रद्धा तथा समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने शिवभक्तों की सेवा को सौभाग्य बताया।
रसोई में पहुंचकर रोटियों पर लगाया घी
मुख्यमंत्री ने कांवड़ शिविर की रसोई का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां कांवड़ियों के लिए तैयार हो रहे भोजन की व्यवस्था देखी और स्वयं सेवा कार्य में भाग लिया।
- कांवड़ियों के लिए तैयार हो रही रोटियों पर लगाया घी
- भोजन व्यवस्था का लिया जायजा
- पेयजल और विश्राम सुविधाओं का निरीक्षण
- चिकित्सा एवं स्वच्छता व्यवस्था की जानकारी ली
- सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की भी समीक्षा की
मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार की कोशिश है कि दिल्ली से गुजरने वाले किसी भी कांवड़िए को यात्रा के दौरान परेशानी न हो।
दिल्ली में 394 कांवड़ शिविर
मुख्यमंत्री ने बताया कि राजधानी में इस समय 394 कांवड़ शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में बड़ी संख्या में शिवभक्त पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग-अलग स्थानों पर भोजन, पानी, चिकित्सा सहायता और विश्राम की व्यवस्था की गई है।
सरकार की ओर से शिविरों में बिजली और साफ-सफाई की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है। संबंधित विभागों को लगातार निगरानी रखने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कांवड़ यात्रा के लिए सुरक्षा से लेकर स्वास्थ्य तक इंतजाम
कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के दिल्ली पहुंचने को देखते हुए प्रशासन ने कई स्तरों पर तैयारियां की हैं। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए संबंधित एजेंसियां संवेदनशील मार्गों पर निगरानी कर रही हैं।
प्रशासन का जोर मुख्य रूप से इन व्यवस्थाओं पर है—
- पेयजल: शिविरों में पर्याप्त पानी की व्यवस्था
- चिकित्सा: जरूरत पड़ने पर तत्काल स्वास्थ्य सहायता
- स्वच्छता: शिविरों और आसपास साफ-सफाई की निगरानी
- भोजन: श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था
- सुरक्षा: पुलिस और प्रशासन की निगरानी
- यातायात: कांवड़ मार्गों पर ट्रैफिक प्रबंधन
मुख्यमंत्री बोलीं- श्रद्धालुओं को नहीं होगी परेशानी
रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार कांवड़ लेकर राजधानी पहुंचने वाले सभी शिवभक्तों का स्वागत करती है। उनका प्रयास है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिले।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ शिविरों में व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जाए। किसी भी स्तर पर समस्या सामने आने पर उसका तत्काल समाधान किया जाए।
सेवा और सम्मान का संदेश
मुख्यमंत्री का कांवड़ियों के चरण स्पर्श करना और रसोई में जाकर भोजन तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल होना कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। इससे यह संदेश भी गया कि धार्मिक यात्राओं के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ-साथ सेवा भावना को भी महत्व दिया जा रहा है।
दिल्ली में कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में शिवभक्तों के आने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और यातायात से जुड़े इंतजामों को मजबूत रखने पर जोर दिया है।
सावन के इस धार्मिक माहौल में मुख्यमंत्री का शिविर पहुंचकर कांवड़ियों का स्वागत करना और सेवा कार्य में शामिल होना चर्चा का विषय बन गया है। राजधानी में चल रहे सैकड़ों कांवड़ शिविरों के जरिए श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि उनकी यात्रा सुरक्षित और सुगम तरीके से पूरी हो सके।


