
मध्य प्रदेश सरकार ने गेस्ट फैकल्टी सदस्यों की लंबे समय से चली आ रही मांगों पर बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की है कि राज्य सरकार ने गेस्ट फैकल्टी से जुड़े सभी मुद्दों की समीक्षा के लिए एक हाई-लेवल कमेटी का गठन किया है। यह समिति विभिन्न मांगों का अध्ययन करने के साथ-साथ अन्य राज्यों की व्यवस्थाओं का भी विश्लेषण करेगी, ताकि मध्य प्रदेश में बेहतर और व्यावहारिक मॉडल लागू किया जा सके।
भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित राज्य स्तरीय गेस्ट फैकल्टी सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि समिति की रिपोर्ट मिलते ही सरकार गेस्ट फैकल्टी के हित में आवश्यक और व्यावहारिक फैसले लेगी।
गेस्ट फैकल्टी की मांगों पर सरकार गंभीर
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार गेस्ट फैकल्टी सदस्यों की सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर रही है।
उन्होंने बताया कि गठित हाई-लेवल कमेटी—
- गेस्ट फैकल्टी की प्रमुख मांगों का अध्ययन करेगी।
- दूसरे राज्यों में लागू नीतियों का विश्लेषण करेगी।
- उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभाग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखेगी।
- मध्य प्रदेश के लिए उपयुक्त मॉडल की सिफारिश करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद सरकार सभी जरूरी और संभव कदम उठाएगी।
“गेस्ट फैकल्टी हमारे परिवार का हिस्सा हैं”
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि गेस्ट फैकल्टी राज्य की शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं।
उन्होंने कहा कि—
“गेस्ट फैकल्टी हमारे परिवार का हिस्सा हैं। वे हजारों विद्यार्थियों का भविष्य संवारने में अहम भूमिका निभाते हैं और सरकार उनके कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता मजबूत करने में गेस्ट फैकल्टी का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है।
अब तक सरकार ने क्या सुविधाएं दी हैं?
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार पहले भी गेस्ट फैकल्टी के हित में कई फैसले ले चुकी है।
इनमें प्रमुख हैं—
- 13 आकस्मिक अवकाश (Casual Leave) की सुविधा।
- 3 वैकल्पिक अवकाश (Optional Leave)।
- महिला गेस्ट फैकल्टी के लिए मातृत्व अवकाश।
- घर के नजदीक कॉलेज चुनने का विकल्प।
- मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की सहायक प्राध्यापक भर्ती में 25 प्रतिशत आरक्षण।
- अधिकतम आयु सीमा में 10 वर्ष की छूट।
नियमित नियुक्तियों का भी दिया आंकड़ा
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने योग्य गेस्ट फैकल्टी को नियमित नियुक्ति देने की दिशा में भी कदम उठाए हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि—
- 2022 में 117 गेस्ट फैकल्टी को नियमित सहायक प्राध्यापक बनाया गया।
- 2024 में 48 और गेस्ट फैकल्टी को नियमित नियुक्ति मिली।
उन्होंने कहा कि भविष्य में भी योग्य उम्मीदवारों को अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास जारी रहेगा।
शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियां
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था में हुए सुधारों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि—
- प्रत्येक जिले में पीएम श्री एक्सीलेंस कॉलेज स्थापित किए गए हैं।
- खरगोन, गुना और सागर में नए सरकारी विश्वविद्यालय शुरू किए गए हैं।
- उच्च शिक्षा में मध्य प्रदेश का ग्रॉस एनरोलमेंट रेश्यो (GER) राष्ट्रीय औसत से अधिक हो गया है।
- स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या लगभग शून्य तक पहुंच गई है।
नशा मुक्त मध्य प्रदेश का भी दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गेस्ट फैकल्टी और युवाओं से राज्य सरकार के नशा मुक्ति अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील भी की।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2029 तक मध्य प्रदेश को नशा मुक्त राज्य बनाना है और इसमें शिक्षकों एवं युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
मुख्य बातें
- गेस्ट फैकल्टी की मांगों की समीक्षा के लिए हाई-लेवल कमेटी गठित।
- अन्य राज्यों की नीतियों का भी अध्ययन करेगी समिति।
- रिपोर्ट के बाद सरकार नई नीति पर फैसला लेगी।
- 13 कैजुअल लीव, 3 ऑप्शनल लीव और मातृत्व अवकाश की सुविधा पहले से लागू।
- एमपीपीएससी भर्ती में 25% आरक्षण और 10 वर्ष की आयु सीमा में छूट।
- 2022 और 2024 में कई गेस्ट फैकल्टी को नियमित नियुक्ति मिली।
- 2029 तक मध्य प्रदेश को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य।



