
मध्य प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश में पहली बार तीन औद्योगिक सुरक्षा बलों के गठन का फैसला लिया गया। सरकार का मानना है कि इससे औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मजबूत होगी और भविष्य में रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे।
कैबिनेट बैठक में महिलाओं के सम्मान, पुलिस भर्ती, वन उपज के लाभांश, दुग्ध उत्पादन, एयर कनेक्टिविटी और पर्यटन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी फैसले और चर्चा हुई। बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी।
MP में पहली बार बनेंगे औद्योगिक सुरक्षा बल
सरकार ने औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए तीन नए औद्योगिक सुरक्षा बल गठित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत पहला औद्योगिक सुरक्षा बल खंडवा में गठित किए जाने की जानकारी दी गई।

इसके बाद वहां नई पुलिस बटालियन बनाए जाने की योजना है। इससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के साथ पुलिस और अन्य संबंधित क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
सरकार का फोकस राज्य में तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाने पर है।
पुलिस विभाग में 27,534 पदोन्नतियां
कैबिनेट को पुलिस विभाग में हुई बड़ी पदोन्नति प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री की पहल पर पुलिस विभाग के 58 संवर्गों में 27,534 अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति की गई है।
पदोन्नति के बाद खाली होने वाले पदों पर नई भर्ती का रास्ता भी साफ होने की बात कही गई है।
सरकार के मुताबिक, पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी होने के कारण लंबे समय से अटकी हुई भर्तियों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे पुलिस विभाग में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुल सकते हैं।
महिलाओं को मिलेगा ₹2 लाख का रानी दुर्गावती पुरस्कार
कैबिनेट ने विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए समाज में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित करने का भी फैसला किया है।
ऐसी महिलाओं को रानी दुर्गावती पुरस्कार के साथ 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है।
सरकार का उद्देश्य संघर्ष और कठिन परिस्थितियों के बावजूद समाज के लिए उल्लेखनीय काम करने वाली महिलाओं को पहचान और प्रोत्साहन देना है।
रानी अवंतीबाई वीरता पुरस्कार की राशि दोगुनी
महिलाओं से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में रानी अवंतीबाई वीरता पुरस्कार की राशि बढ़ाने को मंजूरी दी गई है।
पहले इस पुरस्कार के तहत 1 लाख रुपये दिए जाते थे। अब इसकी राशि बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने का निर्णय लिया गया है।
सरकार के मुताबिक, पुरस्कार राशि बढ़ाने से वीरता और सामाजिक योगदान के क्षेत्र में महिलाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।
वन उपज के लाभांश पर भी हुई चर्चा
कैबिनेट बैठक में वन प्रबंधन समितियों को मिलने वाले वन उपज लाभांश की व्यवस्था में बदलाव पर भी चर्चा हुई।
मौजूदा व्यवस्था में वन उपज से प्राप्त लाभांश का वितरण वन समितियों से जुड़े लोगों के बीच किया जाता है। सरकार अब ऐसी व्यवस्था पर विचार कर रही है जिसमें लाभांश का लाभ स्थानीय वन समितियों और मध्य प्रदेश के मूल निवासियों तक सीमित किया जा सके।
बैठक में दी गई जानकारी के मुताबिक, दूसरे राज्यों से आकर वन उपज संग्रहण का काम करने वाले श्रमिकों को उनकी मजदूरी का पूरा भुगतान किया जाएगा, लेकिन प्रस्तावित व्यवस्था में लाभांश का लाभ नहीं दिया जाएगा।
हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय आगे लिया जाना है।
दूध उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य
सरकार ने प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने को लेकर भी बड़ा लक्ष्य तय किया है। मंत्री उदय प्रताप सिंह के अनुसार, देश के कुल दूध उत्पादन में मध्य प्रदेश की हिस्सेदारी फिलहाल करीब 12 प्रतिशत है।
सरकार इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने के लक्ष्य पर काम कर रही है।
कृषक कल्याण वर्ष के तहत सफेद क्रांति और पशुपालन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। किसानों को प्रतिदिन 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई।
MP में एयर कनेक्टिविटी पर जोर
कैबिनेट बैठक में राज्य में एयर कनेक्टिविटी को लेकर भी जानकारी साझा की गई।
सरकार के अनुसार:
- रीवा, दतिया और सतना में एयरपोर्ट तैयार हो चुके हैं।
- उज्जैन और शिवपुरी में एयरपोर्ट का निर्माण जारी है।
- इंदौर से अबूधाबी के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा शुरू होने की जानकारी दी गई।
- भोपाल से अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
- भोपाल और रीवा से कोलकाता समेत अन्य शहरों के लिए हवाई संपर्क बढ़ाने पर काम किया जा रहा है।
एयर कनेक्टिविटी के विस्तार को राज्य में पर्यटन और कारोबार को बढ़ावा देने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ग्रामीणों के लिए होम स्टे योजना पर जोर
कैबिनेट बैठक में पर्यटन विभाग की होम स्टे योजना को लेकर भी चर्चा हुई। सरकार इसे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मान रही है।
मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के माध्यम से इस योजना के तहत करीब 1,000 हितग्राहियों को कौशल प्रशिक्षण देने की बात कही गई है। प्रशिक्षण के बाद ग्रामीण परिवार अपने घरों को पर्यटकों के लिए होम स्टे के रूप में विकसित कर अतिरिक्त आय हासिल कर सकेंगे।
भोपाल को मेट्रोपॉलिटन तर्ज पर विकसित करने की योजना
भोपाल के विकास को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण चर्चा हुई। राजधानी को मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र की तर्ज पर विकसित करने की दिशा में सड़क और कनेक्टिविटी सुधार पर जोर दिया जा रहा है।
इसी क्रम में भोपाल-विदिशा मार्ग को 2 लेन से 4 लेन करने और पेवर शोल्डर बनाने की योजना की जानकारी दी गई।
इससे भोपाल और आसपास के क्षेत्रों के बीच यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।
मोहन कैबिनेट के फैसलों पर एक नजर
- प्रदेश में पहली बार 3 औद्योगिक सुरक्षा बलों के गठन का फैसला।
- पहला औद्योगिक सुरक्षा बल खंडवा में बनाए जाने की जानकारी।
- पुलिस विभाग के 58 संवर्गों में 27,534 पदोन्नतियां।
- खाली पदों पर नई भर्ती का रास्ता साफ होने की उम्मीद।
- उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं के लिए रानी दुर्गावती पुरस्कार और ₹2 लाख प्रोत्साहन राशि।
- रानी अवंतीबाई वीरता पुरस्कार की राशि ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹2 लाख।
- दुग्ध उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य।
- होम स्टे योजना के तहत 1,000 हितग्राहियों को प्रशिक्षण देने की योजना।
- भोपाल-विदिशा मार्ग को 2 लेन से 4 लेन करने की योजना।
मध्य प्रदेश सरकार के इन फैसलों में सुरक्षा, रोजगार, महिला सम्मान, कृषि, दुग्ध उत्पादन, पर्यटन और कनेक्टिविटी जैसे कई अहम क्षेत्रों को शामिल किया गया है। खास तौर पर औद्योगिक सुरक्षा बलों के गठन और पुलिस विभाग में नई भर्ती का रास्ता खुलने से प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था के साथ रोजगार के अवसरों पर भी असर पड़ सकता है।



