
Gold Price Outlook 2026 : बीते कुछ सालों में सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। फिलहाल 24 कैरेट सोने के 10 ग्राम की कीमत करीब 1.50 लाख रुपए के आसपास है। आने वाले महीनों में फेस्टिव और वेडिंग सीजन के कारण सोने की मांग बढ़ने की उम्मीद है।
ऐसे में कीमतों में तेजी का दौर आगे भी जारी रह सकता है। दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों की लगातार खरीदारी और निवेशकों की बदलती चिंताओं के बीच सोने को आगे भी मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
Gold Price Target: 5000 डॉलर तक पहुंच सकता है सोना
Metals Focus के मैनेजिंग डायरेक्टर फिलिप न्यूमैन के अनुसार, 2026 के अंत तक सोने की कीमत 5,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। उनके मुताबिक, 4,300 डॉलर प्रति औंस का स्तर सोने के लिए मजबूत सपोर्ट बन सकता है।

न्यूमैन का कहना है कि अमेरिका में ब्याज दरों में हालिया बढ़ोतरी और इस साल एक और संभावित बढ़ोतरी से सोने पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ने की संभावना नहीं है। इसकी वजह यह है कि ब्याज दरों से जुड़े असर को बाजार पहले ही काफी हद तक कीमतों में शामिल कर चुका है। ऐसे में आगे ब्याज दर बढ़ने पर सोने में बड़ी गिरावट जरूरी नहीं है।
अमेरिका का बढ़ता कर्ज भी बढ़ा रहा चिंता
अमेरिका के बढ़ते कर्ज को लेकर निवेशकों की चिंता भी सोने के लिए अहम फैक्टर बन रही है। ऐसी चिंताएं निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर ले जा सकती हैं। सोने को आमतौर पर अनिश्चितता के दौर में सुरक्षित निवेश के विकल्प के तौर पर देखा जाता है।
Central Banks की खरीदारी से सोने को सपोर्ट
सोने की तेजी में दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की खरीदारी की बड़ी भूमिका रही है। फिलिप न्यूमैन के मुताबिक, दूसरी तिमाही में केंद्रीय बैंकों की अच्छी खरीदारी देखने को मिली है और तीसरी तिमाही में भी खरीदारी मजबूत रहने की उम्मीद है।
केंद्रीय बैंकों की यह मांग सोने की कीमतों को नीचे से सपोर्ट दे रही है। अगर खरीदारी का यह ट्रेंड आगे भी जारी रहता है, तो इससे ग्लोबल गोल्ड मार्केट में कीमतों को सहारा मिल सकता है।
भारत में Festive-Wedding Season से बढ़ेगी मांग?
भारत में आने वाले त्योहारों और शादी के सीजन के साथ सोने की मांग बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, ऊंची कीमतों और लगातार उतार-चढ़ाव के कारण ग्राहक फिलहाल खरीदारी को लेकर सावधानी बरत रहे हैं।
फिलिप न्यूमैन के अनुसार, कई ग्राहकों ने सोने के ऑर्डर रद्द करने के बजाय उन्हें आगे के लिए टाल दिया है। इसका मतलब यह हो सकता है कि कीमतों में स्थिरता आने पर यह मांग दोबारा बाजार में लौट सकती है। ऐसे में भारत का फेस्टिव और वेडिंग सीजन भी आने वाले महीनों में सोने की मांग के लिए अहम रह सकता है।



