
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में अपने संगठनात्मक ढांचे में अहम नियुक्तियां की हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने प्रदेश प्रभारी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े के साथ काम करने के लिए चार सह-प्रभारियों की नियुक्ति की है। इनमें जगदीश पटेल, मेधा कुलकर्णी, डॉ. प्रदीप वर्मा और अनंत ओझा शामिल हैं। इससे पहले विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रभारी और जगदीश पटेल को सह-प्रभारी नियुक्त किया जा चुका था। अब विस्तृत सूची जारी होने के साथ तीन और नेताओं को उत्तर प्रदेश की टीम में शामिल किया गया है।
भाजपा की ओर से बुधवार को जारी संगठनात्मक नियुक्तियों की सूची में देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए प्रभारी और सह-प्रभारियों के नाम घोषित किए गए। नई जिम्मेदारियां तत्काल प्रभाव से लागू की गई हैं। उत्तर प्रदेश में विनोद तावड़े मुख्य प्रभारी की भूमिका में रहेंगे, जबकि चारों सह-प्रभारी संगठन से जुड़े कार्यों में उनके साथ जिम्मेदारी संभालेंगे।
उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे समय में भाजपा की ओर से प्रदेश संगठन के लिए चार सह-प्रभारियों की नियुक्ति को पार्टी की संगठनात्मक तैयारियों के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि इन नेताओं के बीच क्षेत्रवार जिम्मेदारियों का विस्तृत बंटवारा अलग से सामने आ सकता है।

अगस्त में तावड़े को मिली थी यूपी की जिम्मेदारी
भाजपा ने अगस्त 2026 में विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया था। उनके साथ जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी बनाया गया था। इसके बाद तावड़े ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर संगठनात्मक बैठकों में हिस्सा लिया।
प्रदेश प्रभारी बनने के बाद तावड़े ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर संगठन की गतिविधियों की समीक्षा की।
अब राष्ट्रीय नेतृत्व ने तावड़े की प्रदेश टीम का विस्तार करते हुए उनके साथ चार सह-प्रभारी कर दिए हैं।
जगदीश पटेल को पहले ही मिली थी जिम्मेदारी
जगदीश पटेल का नाम उत्तर प्रदेश के सह-प्रभारी के रूप में पहले ही घोषित किया जा चुका था। नितिन नवीन की नई राष्ट्रीय टीम में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय सचिव भी बनाया गया है।
अगस्त में जब विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, उसी समय जगदीश पटेल को उनके साथ सह-प्रभारी बनाया गया था। नई विस्तृत सूची में उनका नाम बरकरार रखते हुए मेधा कुलकर्णी, डॉ. प्रदीप वर्मा और अनंत ओझा को भी सह-प्रभारी बनाया गया है।
इस तरह उत्तर प्रदेश में अब प्रदेश प्रभारी के साथ चार सदस्यीय सह-प्रभारी टीम काम करेगी।
मेधा कुलकर्णी को भी यूपी की जिम्मेदारी
भाजपा नेतृत्व ने मेधा कुलकर्णी को उत्तर प्रदेश का सह-प्रभारी नियुक्त किया है। वह महाराष्ट्र से भाजपा की नेता और राज्यसभा सदस्य हैं। संगठनात्मक नियुक्तियों की नई सूची में उन्हें उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य की जिम्मेदारी दी गई है।
उनके अलावा डॉ. प्रदीप वर्मा और अनंत ओझा को भी उत्तर प्रदेश का सह-प्रभारी बनाया गया है। नई टीम संगठन और राष्ट्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय से जुड़े कार्यों में प्रदेश प्रभारी के साथ काम करेगी।
उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80 और विधानसभा की 403 सीटें हैं। इस कारण राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के संगठनात्मक ढांचे में प्रदेश प्रभारी और सह-प्रभारियों की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है।
विनोद तावड़े लगातार कर रहे यूपी का दौरा
उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाए जाने के बाद विनोद तावड़े प्रदेश में लगातार संगठनात्मक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। सितंबर की शुरुआत में उन्होंने लखनऊ का दौरा किया था। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठकें हुई थीं।
इसके बाद उन्होंने गोरखपुर समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों में भी पार्टी नेताओं के साथ संगठनात्मक बैठकों में भाग लिया। इन बैठकों में बूथ स्तर की संगठनात्मक स्थिति, कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े फीडबैक जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
चार सह-प्रभारियों की नियुक्ति के बाद प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में संगठनात्मक जिम्मेदारियों के संचालन में तावड़े को अतिरिक्त सहयोग मिलेगा।
कई राज्यों के प्रभारी बदले
उत्तर प्रदेश के साथ भाजपा ने देशभर में बड़े स्तर पर संगठनात्मक नियुक्तियां की हैं। नई सूची में 28 राज्यों और आठ केंद्रशासित प्रदेशों के लिए प्रभारी और सह-प्रभारी घोषित किए गए हैं।
कई वरिष्ठ नेताओं को एक से अधिक राज्यों की जिम्मेदारी दी गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ और हरियाणा का प्रभारी बनाया गया है। वहीं हरीश द्विवेदी को बिहार और कर्नाटक की जिम्मेदारी दी गई है।
राम माधव को तमिलनाडु और उत्तराखंड तथा सुनील बंसल को तेलंगाना और पश्चिम बंगाल का प्रभारी नियुक्त किया गया है। अलग-अलग राज्यों में इनके साथ सह-प्रभारियों की भी नियुक्ति की गई है।
यूपी के नेताओं को दूसरे राज्यों की जिम्मेदारी
भाजपा की नई संगठनात्मक सूची में उत्तर प्रदेश से जुड़े कई नेताओं को दूसरे राज्यों की जिम्मेदारी भी मिली है। स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ और हरियाणा का प्रभारी बनाया गया है। हरीश द्विवेदी को बिहार के साथ कर्नाटक की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा दूसरे राज्यों के नेताओं को उत्तर प्रदेश में सह-प्रभारी बनाकर पार्टी ने प्रदेश की संगठनात्मक टीम का विस्तार किया है। राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से किए गए इस बदलाव में अलग-अलग राज्यों के नेताओं को एक-दूसरे प्रदेशों में संगठनात्मक जिम्मेदारियां देने की व्यवस्था जारी रखी गई है।
2027 से पहले संगठनात्मक गतिविधियां तेज
उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है। चुनाव से पहले भाजपा प्रदेश में संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ा रही है। प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े हाल के दिनों में विभिन्न क्षेत्रों में पार्टी पदाधिकारियों और नेताओं के साथ बैठकें कर चुके हैं।
नई नियुक्तियों के बाद जगदीश पटेल, मेधा कुलकर्णी, डॉ. प्रदीप वर्मा और अनंत ओझा प्रदेश प्रभारी तावड़े के साथ संगठनात्मक जिम्मेदारियों में सहयोग करेंगे।
भाजपा की ओर से जारी नई सूची तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। आने वाले समय में चारों सह-प्रभारियों के उत्तर प्रदेश दौरे और प्रदेश संगठन के साथ बैठकों के जरिए उनकी भूमिका और कार्यक्षेत्र अधिक स्पष्ट होने की संभावना है।
फिलहाल राष्ट्रीय नेतृत्व के इस फैसले के बाद उत्तर प्रदेश भाजपा की प्रदेश प्रभारी टीम का विस्तार हो गया है। विनोद तावड़े के नेतृत्व में चार सह-प्रभारियों की टीम प्रदेश संगठन के साथ समन्वय बनाकर काम करेगी।



