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सरगुजा में हाथी का खौफ! पुटू लेने गए दंपती पर हमला, सूंड के वार से पति का जबड़ा टूटा

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में मानव-हाथी संघर्ष की एक और घटना सामने आई है। उदयपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम सायर में सोमवार सुबह जंगल गए एक दंपती पर हाथी ने हमला कर दिया। हाथी के हमले में 55 वर्षीय ग्रामीण बिहानु राम गंभीर रूप से घायल हो गए। हाथी के सूंड से किए गए जोरदार वार के कारण उनका जबड़ा टूट गया और पैर में भी गंभीर चोट आई है।

घायल ग्रामीण को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उदयपुर लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर कर दिया गया।

पुटू-खुखड़ी लेने जंगल गए थे दंपती

जानकारी के अनुसार, ग्राम सायर निवासी बिहानु राम सोमवार सुबह अपनी पत्नी के साथ गांव से लगे जंगल में पुटू और खुखड़ी लेने गए थे। दोनों ने जंगल से लकड़ी भी एकत्र की थी।

सुबह जब वे जंगल से वापस लौट रहे थे, तभी अचानक उनके सामने एक हाथी आ गया। हाथी को देखते ही दोनों घबरा गए और अपनी जान बचाने के लिए अलग-अलग दिशाओं में भागने लगे।

सूंड के वार से गंभीर घायल हुआ ग्रामीण

बताया जा रहा है कि बिहानु राम जिस दिशा में भाग रहे थे, हाथी भी उसी ओर बढ़ गया। हाथी ने अपनी सूंड से उन पर जोरदार हमला कर दिया।

हमला इतना तेज था कि बिहानु राम काफी दूर जा गिरे। गिरने से उनके जबड़े में गंभीर चोट आई और पैर भी घायल हो गया।

गनीमत रही कि हाथी ने दोबारा उन पर हमला नहीं किया और कुछ देर बाद जंगल की ओर चला गया।

पत्नी ने गांव पहुंचकर दी घटना की जानकारी

हाथी के हमले के बाद घायल ग्रामीण की पत्नी किसी तरह भागकर गांव पहुंची और परिवार के लोगों को घटना की जानकारी दी।

सूचना मिलते ही ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर घायल बिहानु राम को जंगल से बाहर निकाला और उपचार के लिए उदयपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।

इलाके में घूम रहा है अकेला हाथी

वन विभाग के अनुसार, हमला करने वाला हाथी पिछले कई दिनों से क्षेत्र में अकेला घूम रहा है। ग्रामीणों को जंगल में हाथी की मौजूदगी की जानकारी नहीं थी, जिसके कारण दंपती सामान्य रूप से जंगल चले गए।

घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में डर का माहौल है। वन विभाग की टीम लगातार इलाके की निगरानी कर रही है।

वन विभाग ने ग्रामीणों से की अपील

वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली और घायल के उपचार में हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।

अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि—

  • हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
  • जंगल जाने से पहले वन विभाग से हाथियों की लोकेशन की जानकारी लें।
  • अकेले जंगल जाने से बचें और सतर्क रहें।
  • हाथी दिखने पर उसे परेशान न करें और तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।

बढ़ रही मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं

सरगुजा और आसपास के वन क्षेत्रों में लगातार हाथियों की आवाजाही बनी हुई है। जंगल से लगे गांवों में रहने वाले लोगों को वन विभाग समय-समय पर सतर्क रहने की सलाह देता रहा है।

सरगुजा हाथी हमला की इस घटना ने एक बार फिर मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष की चुनौती को सामने ला दिया है।

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