
दिल्ली में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर राजधानी के सभी 39 सब-डिवीजनों में सब-रजिस्ट्रारों की नियुक्ति की गई है। खास बात यह है कि पहली बार सब-रजिस्ट्रारों की पोस्टिंग सूचना प्रौद्योगिकी आधारित रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के जरिए की गई। अधिकारियों की तैनाती की यह प्रक्रिया अतिरिक्त मुख्य सचिव (सेवाएं) की मौजूदगी में पूरी की गई।
39 सब-डिवीजनों में मिलेंगी सब-रजिस्ट्रार सेवाएं
दिल्ली सरकार ने आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों की संख्या बढ़ाकर 39 कर दी है। अब सभी 39 सब-डिवीजनों में सब-रजिस्ट्रार उपलब्ध होंगे। इससे लोगों को अपने क्षेत्र में ही संबंधित रजिस्ट्रेशन और अन्य सेवाएं मिलने की सुविधा होगी। पोस्टिंग प्रक्रिया के तहत कुछ अधिकारियों को उनके मौजूदा सब-रजिस्ट्रार पद पर ही बरकरार रखा गया, जबकि कुछ अधिकारियों को वर्तमान कार्यभार से हटाकर सब-रजिस्ट्रार के रूप में नियुक्त किया गया है।

इस बार नियुक्ति के लिए निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाले अधिकारियों का चयन किया गया। इनमें बेहतर स्वास्थ्य, पर्याप्त शेष सेवा अवधि और सतर्कता मंजूरी (विजिलेंस क्लियरेंस) जैसे मानक शामिल रहे। पात्र अधिकारियों के चयन के बाद तकनीक आधारित रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के जरिए उनकी पोस्टिंग की गई।
22 से बढ़कर 39 हुई सब-रजिस्ट्रारों की संख्या
दिल्ली में अब सभी 39 सब-डिवीजनों के अनुपात में 39 सब-रजिस्ट्रार नियुक्त किए गए हैं। इससे पहले राजधानी में 22 सब-रजिस्ट्रार ही कार्यरत थे। सरकार के मुताबिक, इस बदलाव से दिल्लीवासियों को अपने क्षेत्र में ही सब-डिविजन और सब-रजिस्ट्रार कार्यालय, दोनों की सुविधा मिल सकेगी। इसके लिए 17 नए सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों को भी अधिसूचित किया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सब-रजिस्ट्रारों की पोस्टिंग के लिए अपनाई गई तकनीक आधारित और पारदर्शी प्रक्रिया पर संतोष जताया। उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों से दिल्ली की जनता को बेहतर, प्रभावी और सुचारु सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ काम करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसी प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूत करना है, जिससे सरकारी कामकाज अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बने। उन्होंने नवनियुक्त सब-रजिस्ट्रारों से अपने दायित्वों का गंभीरता और जनसेवा की भावना के साथ निर्वहन करने की अपेक्षा जताई।
अब बेहतर तरीके से होगा सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों का संचालन
दिल्ली सरकार की ओर से सब-रजिस्ट्रार के 39 पद अधिसूचित किए जाने के बाद सभी 13 राजस्व जिलों के अंतर्गत आने वाले 39 सब-डिवीजनों में इन पदों को भर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों का कामकाज अधिक व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से संचालित किया जा सकेगा। सब-रजिस्ट्रार कार्यालय आम लोगों से सीधे जुड़े महत्वपूर्ण राजस्व और पंजीकरण संबंधी कार्यों का संचालन करते हैं। ऐसे में इन पदों पर अधिकारियों की नियुक्ति के लिए पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाए जाने से नागरिक सेवाओं को और अधिक सुचारु बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही, अपने क्षेत्र में ही सब-रजिस्ट्रार की उपलब्धता से लोगों को सरकारी सेवाओं के लिए अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिल सकेगी।
पोस्टिंग में पहली बार अपनाया गया रैंडमाइजेशन
दिल्ली सरकार ने सब-रजिस्ट्रारों की पोस्टिंग में पहली बार सूचना प्रौद्योगिकी आधारित रैंडमाइजेशन प्रक्रिया अपनाई है। इसका उद्देश्य पोस्टिंग प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और स्पष्ट बनाना है। इसके तहत निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाले अधिकारियों के समूह में से तकनीक की मदद से रैंडम तरीके से पोस्टिंग की गई। सरकार का कहना है कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तकनीक के अधिकतम इस्तेमाल, पारदर्शी व्यवस्था और योग्य अधिकारियों की तैनाती से नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है।



