
मध्य प्रदेश: उज्जैन जिले के बड़नगर तहसील के झलारिया गांव में खुले बोरवेल में गिरे तीन वर्षीय बच्चे भागीरथ को शुक्रवार को लंबे और कठिन बचाव अभियान के बाद मृत घोषित कर दिया गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया और शोकाकुल परिवार के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की। उन्होंने एक बयान में इस घटना को अत्यंत दर्दनाक बताया और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। मुख्यमंत्री ने मृतक के परिवार को 4 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की और परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
बचाव दलों ने शुरुआत में बच्चे से संपर्क स्थापित करने की कोशिश की और पाइप के जरिए ऑक्सीजन पहुंचाई। उसकी स्थिति का पता लगाने के लिए बोरवेल में कैमरे भी डाले गए। साथ ही, उसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए समानांतर गड्ढा खोदने के लिए भारी मशीनरी का उपयोग किया गया। इस दौरान ढीली मिट्टी, गहराई और धंसने के खतरे जैसी कई चुनौतियां सामने आईं। बचाव कर्मियों ने बेहद सावधानी से काम किया और आसपास के क्षेत्र को स्थिर करते हुए खुदाई की।
यह घटना गुरुवार को हुई, जब बच्चा अपने घर के पास खेल रहा था और अनजाने में खुले बोरवेल में गिर गया। संकरी और गहरी संरचना के कारण बचाव कार्य बेहद कठिन हो गया, जिसके चलते तुरंत बड़े पैमाने पर आपातकालीन अभियान शुरू किया गया। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमें मौके पर पहुंचीं। एक बहु-एजेंसी बचाव अभियान शुरू किया गया, जो गुरुवार रात भर और शुक्रवार तक जारी रहा।
यह घटना गुरुवार को हुई, जब बच्चा अपने घर के पास खेल रहा था और अनजाने में खुले बोरवेल में गिर गया। संकरी और गहरी संरचना के कारण बचाव कार्य बेहद कठिन हो गया, जिसके चलते तुरंत बड़े पैमाने पर आपातकालीन अभियान शुरू किया गया। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमें मौके पर पहुंचीं। एक बहु-एजेंसी बचाव अभियान शुरू किया गया, जो गुरुवार रात भर और शुक्रवार तक जारी रहा।
कई घंटों की कड़ी मेहनत के बाद बचाव दल बच्चे तक पहुंचने में सफल हुआ और उसे बाहर निकाला गया। हालांकि, वह बेहोश मिला और तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अधिकारियों ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं, जिसमें खुले बोरवेल में लापरवाही की जांच की जाएगी। साथ ही जिले में ऐसे सभी खुले बोरवेल की पहचान कर उन्हें बंद करने का अभियान भी शुरू कर दिया गया है ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।



