
रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित कस्टम मिलिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच तेज हो गई है। ED ने खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में धान की कस्टम मिलिंग के लिए राइस मिलर्स को दी जाने वाली विशेष प्रोत्साहन राशि में बढ़ोतरी से जुड़े दस्तावेज और जानकारी राज्य सरकार से मांगी है। राज्य सरकार की ओर से करीब 400 पन्नों की जानकारी ED को उपलब्ध कराई है।
दरअसल, खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में कस्टम मिलिंग के लिए राइस मिलर्स को दी जाने वाली विशेष प्रोत्साहन राशि 40 रुपये से बढ़ाकर 120 रुपये प्रति क्विंटल की गई थी। ED इसी फैसले और इसके बाद हुए भुगतान की प्रक्रिया की जांच कर रही है। दिसंबर 2021 में राज्य सरकार द्वारा कस्टम मिलिंग की प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर 120 रुपये किए जाने की जानकारी सार्वजनिक रूप से भी सामने आई थी।
80 रुपये की बढ़ोतरी और कथित वसूली की जांच
ED की ओर से जांच के दायरे में यह भी बताया गया है कि प्रोत्साहन राशि में 80 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी के बाद कथित तौर पर इसमें से 20-20 रुपये की दो किस्तों में कुल 40 रुपये प्रति क्विंटल की राशि मिलर्स से वसूले जाने के आरोप हैं। ED ने इससे जुड़े रिकॉर्ड, भुगतान और प्रोत्साहन राशि बढ़ाने के फैसले से संबंधित जानकारी राज्य सरकार से मांगी है।

ED के साथ ACB/EOW की जांच भी जारी
कस्टम मिलिंग से जुड़े इस मामले में ED के अलावा ACB/EOW की जांच भी चल रही है। ऐसे में राज्य सरकार से मांगे गए दस्तावेजों और उपलब्ध कराई गई 400 पन्नों की जानकारी को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ED की पिछली कार्रवाई में एजेंसी ने कहा था कि जांच के दौरान दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और नकद राशि भी जब्त की गई थी तथा आगे की जांच जारी थी।
फिलहाल ED की ओर से राज्य सरकार द्वारा हाल में उपलब्ध कराई गई 400 पन्नों की जानकारी पर क्या निष्कर्ष निकाला गया है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। जांच एजेंसियों की पड़ताल के बाद ही प्रोत्साहन राशि बढ़ाने के फैसले और कथित वसूली से जुड़े आरोपों पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।



